भारत के शहरों और कस्बों में सब्जी विक्रेता, चाय की दुकानें, फल विक्रेता और छोटे व्यवसायी दैनिक जीवन का अभिन्न अंग हैं। हालांकि, इन लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूंजी की कमी है। कोविड-19 महामारी के दौरान यह स्थिति विशेष रूप से गंभीर थी, जब बाजार बंद हो गए और आवागमन प्रतिबंधित हो गया, जिससे इन छोटे व्यवसायियों की आय बुरी तरह प्रभावित हुई। इस स्थिति को समझते हुए, केंद्र सरकार ने सड़क किनारे विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की, ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से स्थापित कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। यह योजना छोटे विक्रेताओं को आसान, बिना गारंटी वाले ऋण प्रदान करती है, जिससे वे अपना काम जारी रख सकें।पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण कैसे प्राप्त करें
इस योजना के तहत, स्ट्रीट वेंडर्स को चरणबद्ध तरीके से कार्यशील पूंजी ऋण प्राप्त होता है। शुरुआत में एक छोटा ऋण दिया जाता है, और समय पर भुगतान करने पर, बाद के चरणों में बड़ी राशि वितरित की जाती है। संशोधित प्रणाली के अनुसार, पहले चरण में लगभग 15,000 रुपये तक का ऋण दिया जाता है (पहले यह 10,000 रुपये था)। समय पर भुगतान करने पर, दूसरे चरण में लगभग 25,000 रुपये तक का ऋण और तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक का ऋण दिया जाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ऋण पूरी तरह से गिरवी-मुक्त है, यानी किसी भी प्रकार की सुरक्षा या संपत्ति गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं है।
ब्याज सब्सिडी और डिजिटल कैशबैक से ऋण का बोझ कम होता है
इस योजना की एक प्रमुख विशेषता यह है कि लाभार्थियों को समय पर ऋण चुकाने पर लगभग 7 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी मिलती है। यह सब्सिडी सीधे बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे ऋण का बोझ कम हो जाता है। इसके अलावा, सरकार डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक भी प्रदान करती है। डिजिटल भुगतानों पर हर महीने एक निश्चित सीमा तक कैशबैक उपलब्ध है, जिससे छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त लाभ मिलता है।
यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्डों के माध्यम से अतिरिक्त वित्तीय सहायता
योजना को और मजबूत बनाने के लिए, सरकार ने यूपीआई से जुड़े रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी शुरू की है। यह सुविधा उन स्ट्रीट वेंडरों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने अपने पिछले ऋणों का समय पर भुगतान किया है। इस कार्ड की सीमा लगभग 30,000 रुपये तक हो सकती है। इससे विक्रेताओं को जरूरत पड़ने पर तुरंत धनराशि प्राप्त करने की सुविधा मिलती है, जिससे उनका व्यवसाय बिना किसी रुकावट के चलता रहता है।
योजना के लिए आवेदन कैसे करें
इस योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से जमा किए जा सकते हैं। इच्छुक लाभार्थी आधिकारिक पोर्टल या बैंकों, सूक्ष्म वित्त संस्थानों, नगर निगमों या सार्वजनिक सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए स्ट्रीट वेंडर पहचान पत्र, वेंडिंग प्रमाण पत्र या नगर निगम द्वारा जारी प्रमाण पत्र आवश्यक है।