सवैतनिक अवकाश की घोषणा: सभी के लिए बड़ी खुशखबरी। कल, 7 फरवरी को उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के उन जिलों और क्षेत्रों पर लागू होगा जहां कल स्थानीय निकाय चुनाव या उपचुनाव हो रहे हैं। महाराष्ट्र में, 7 फरवरी, 2026 को भी 12 निर्धारित जिलों में यह अवकाश रहेगा। महाराष्ट्र सरकार ने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
क्या बंद रहेगा?
इन क्षेत्रों के सभी शिक्षण संस्थान कल बंद रहेंगे। संबंधित क्षेत्रों में बैंक शाखाएं भी बंद रहेंगी। मतदान क्षेत्रों में कल ड्राई डे रहेगा, यानी शराब की दुकानें शाम तक बंद रहेंगी। मतदान अवधि के दौरान कार्यालय बंद रखने के निर्देश हैं।
क्या-क्या खुला रहेगा?
अस्पताल, एम्बुलेंस और दवाखाने पूरी तरह से चालू रहेंगे। बसें और मेट्रो सेवाएं (जैसे दिल्ली-गाजियाबाद मेट्रो) चलती रहेंगी, हालांकि मतदान केंद्रों के पास यातायात में बदलाव हो सकता है। दूध, फल, सब्जी और राशन की दुकानें खुली रह सकती हैं, लेकिन कुछ दुकानदार मतदान के लिए अस्थायी रूप से अपनी दुकानें बंद कर सकते हैं। यदि आप गाजियाबाद या नोएडा में रहते हैं और काम के लिए दिल्ली या किसी अन्य शहर में आते-जाते हैं, तो आप अपने नियोक्ता को अपना ‘मतदाता पहचान पत्र’ दिखाकर कल एक दिन की छुट्टी का अनुरोध कर सकते हैं, क्योंकि मतदान के लिए सवैतनिक अवकाश प्राप्त करना आपका कानूनी अधिकार है।
क्या महाराष्ट्र के 12 जिलों में छुट्टी रहेगी?
यदि आप इन जिलों में रहते हैं या काम करते हैं, तो आप सवैतनिक अवकाश के हकदार होंगे:
कोंकण क्षेत्र: रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग।
पश्चिमी महाराष्ट्र: पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर।
मराठवाड़ा: छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), परभणी, धाराशिव (उस्मानाबाद), लातूर।
महाराष्ट्र में क्या खुला रहेगा और क्या बंद रहेगा?
इन 12 जिलों में सभी सरकारी कार्यालय, निजी कंपनियां, आईटी पार्क, शॉपिंग मॉल, शोरूम और कारखाने बंद रहेंगे। कर्मचारियों को मतदान करने की सुविधा देने के लिए सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान, दुकानें, होटल और थिएटर बंद रहेंगे। इन जिलों में बैंक शाखाएं भी बंद रहेंगी। अस्पताल, चिकित्सा भंडार, दूध आपूर्ति और अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाएं पूरी तरह से चालू रहेंगी।
महाराष्ट्र सरकार के उद्योग एवं श्रम विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि निजी कंपनियों को अपने कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देना होगा। सवैतनिक अवकाश न देने पर किसी भी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। यह सवैतनिक अवकाश है, यानी आपके वेतन से कोई कटौती नहीं की जाएगी। जहां तकनीकी कारणों से, जैसे कि कुछ आपातकालीन संयंत्रों के कारण, पूरे दिन काम करना संभव नहीं है, वहां कर्मचारियों को मतदान के लिए कम से कम 2 से 3 घंटे का रियायती समय दिया जाना आवश्यक है।