बच्चों के आधार कार्ड को अपडेट करना अब बेहद आसान हो गया है, पूरी प्रक्रिया जानें।

Saroj kanwar
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आधार कार्ड अपडेट: यदि आप आधार कार्डधारक हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। UIDAI ने बच्चों के आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को अभिभावकों के लिए आसान और सुविधाजनक बना दिया है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों का आधार समय पर अपडेट हो जाए और भविष्य में उन्हें सरकारी योजनाओं या पहचान सत्यापन से संबंधित किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

बाल आधार कार्ड किसे चाहिए?

पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए, UIDAI द्वारा जारी किया जाने वाला नीला आधार कार्ड बाल आधार कहलाता है। इस आधार कार्ड में बच्चे का नाम, जन्मतिथि और माता-पिता की जानकारी होती है। इस आयु वर्ग के बच्चों के लिए उंगलियों के निशान या आंखों की पुतली के स्कैन नहीं लिए जाते हैं। बच्चे का आधार कार्ड माता-पिता के आधार कार्ड से पूरी तरह से जुड़ा होता है, जिससे पहचान प्रक्रिया सरल हो जाती है।

UIDAI के नियमों के अनुसार, बच्चे के पाँच वर्ष का होने पर पहला बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य है। इसके बाद, 15 वर्ष की आयु में दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया में उंगलियों के निशान, आंखों की पुतलियों के स्कैन और एक नई तस्वीर ली जाती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि ये दोनों अपडेट पूरी तरह से निःशुल्क हैं।

बच्चे का आधार कार्ड बनवाने की पूरी प्रक्रिया

बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए, माता-पिता को निकटतम आधार नामांकन केंद्र जाना होगा। वहां, बच्चे से संबंधित एक फॉर्म भरना होगा और जन्म प्रमाण पत्र के साथ माता या पिता का आधार कार्ड जमा करना होगा। सत्यापन के बाद, बच्चे का आधार नंबर जारी किया जाता है, जो भविष्य में सभी आवश्यक सेवाओं के लिए मान्य होगा।

घर बैठे आधार अपडेट करने की ऑनलाइन सुविधा

UIDAI ने डिजिटल सुविधा को बढ़ाने के लिए ऑनलाइन अपडेट का विकल्प भी प्रदान किया है। बच्चे के पते और फोटो को सेल्फ-सर्विस अपडेट पोर्टल के माध्यम से घर बैठे अपडेट किया जा सकता है। मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को OTP के माध्यम से अपडेट किया जा सकता है। हालांकि, 15 वर्ष की आयु के बाद बायोमेट्रिक अपडेट के लिए आधार सेवा केंद्र जाना अनिवार्य रहेगा।
आधार अपडेट के लिए आवश्यक दस्तावेज़

बच्चे का आधार अपडेट कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है, जिसमें माता-पिता के नाम होने चाहिए। इसके अलावा, स्कूल आईडी या पासपोर्ट को पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है। पते के प्रमाण के लिए, माता-पिता का आधार कार्ड, बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट या किराया समझौता स्वीकार किया जाता है।

माता-पिता को क्या लाभ हैं?

UIDAI की यह पहल बच्चों को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया को पारदर्शी और तनावमुक्त बनाती है। समय पर आधार अपडेट कराने से यह सुनिश्चित होगा कि बच्चों को स्कूल में दाखिले, छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाओं और भविष्य में पहचान संबंधी सेवाओं में कोई समस्या न हो।

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