भारत सरकार की राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव आने वाला है। अब तक आम आदमी राशन की दुकानों से चावल और गेहूं जैसे अनाज प्राप्त करता था। अब इस प्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार चावल और गेहूं के बजाय सीधे बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करेगी। ऐसी खबरें आ रही हैं।
यदि नए नियम लागू होते हैं, तो राशन कार्ड धारक स्वयं तय कर सकेंगे कि वे अनाज लेंगे या उसे पैसे में बदलेंगे। इस नई प्रणाली का मुख्य आधार आधुनिक तकनीक होगी। एसबीआई के सहयोग से सरकार ने ई-रुपये नामक एक विशेष डिजिटल वाउचर बनाया है।
राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया इस विशेष डिजिटल वाउचर के माध्यम से संपन्न होगी। हालांकि, इसे अभी तक देश में लागू नहीं किया गया है। इसे प्रायोगिक तौर पर कुछ स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। इसे चंडीगढ़, पुडुचेरी, दादरा और नगर हवेली तथा महाराष्ट्र के कुछ स्थानों पर शुरू किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह बदलाव कई कारणों से किया जा रहा है। फर्जी राशन कार्डों को रद्द करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस प्रायोगिक प्रणाली के शुरू होने के बाद से अब तक 76,363 फर्जी कार्ड पकड़े जा चुके हैं। इसी तरह, अगर यह प्रणाली लागू हो जाती है, तो राशन की चोरी, कालाबाजारी और दलाली पर रोक लगेगी।
अब से राशन कार्ड धारकों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर हर महीने एक निश्चित राशि का ई-वाउचर भेजा जाएगा। राशि परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर तय की जाएगी, जैसे 500 टका या 1000 टका। आप इस वाउचर को लेकर राशन की दुकान पर जा सकते हैं और अनाज खरीद सकते हैं। चाहें तो इसे भुनाकर सीधे अपने बैंक खाते में पैसे प्राप्त कर सकते हैं।