बजट 2026 आयकर रिटर्न (आईटीआर): केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। अपने बजट भाषण के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं जिनका सीधा असर आम करदाताओं पर पड़ेगा। इनमें से एक प्रमुख घोषणा आयकर रिटर्न (आईटीआर) से संबंधित है। इस घोषणा के बाद, वेतनभोगी व्यक्तियों और मध्यम वर्ग के करदाताओं को कई क्षेत्रों में राहत मिलने की उम्मीद है।
आईटीआर दाखिल करने के संबंध में क्या घोषणाएं की गईं?
वित्त मंत्री ने बताया कि आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने वाले करदाता अब निर्धारित समय सीमा के भीतर आसानी से अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। इन दोनों श्रेणियों के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई ही रहेगी। नए आयकर अधिनियम के कार्यान्वयन के संबंध में भी एक महत्वपूर्ण अपडेट दिया गया।
नया आयकर अधिनियम कब लागू होगा?
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। यह नया कानून 1961 के मौजूदा आयकर अधिनियम का स्थान लेगा, जिसे अब पुराना और जटिल माना जाता है। सरकार का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल और समझने में आसान बनाना है। करदाताओं को तैयारी के लिए पर्याप्त समय देने हेतु नए नियम और प्रपत्र शीघ्र ही अधिसूचित किए जाएंगे।
संशोधित आयकर रिपोर्ट (आईटीआर) के संबंध में राहत
बजट में यह भी घोषणा की गई है कि संशोधित आयकर रिपोर्ट (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है। हालांकि, करदाताओं को इसके लिए मामूली अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इससे उन लोगों को लाभ होगा जिन्होंने अनजाने में अपनी आय की सही जानकारी नहीं दी थी।
नए आयकर नियमों में और क्या बदलाव हुए हैं?
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि विदेशी टूर पैकेजों पर लगने वाला कर (TCS) पहले के 5 से 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा, अब भारत में अनिवासियों द्वारा संपत्ति की बिक्री पर भी कर कटौती (TDS) लागू होगी। छोटे करदाताओं के लिए 6 महीने की विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना की भी घोषणा की गई है, जिससे वे बिना किसी डर के अपनी विदेशी संपत्तियों का खुलासा कर सकेंगे। सरकार जल्द ही सरलीकृत आयकर नियमों को अधिसूचित करेगी।