वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस वर्ष का बजट पेश कर दिया है। उन्होंने इस बजट में महिलाओं के समर्थन के लिए कई नई पहलों की घोषणा की है।
महिलाओं के लिए शैक्षिक बुनियादी ढांचे का विस्तार, व्यवसाय में वित्तपोषण, महिलाओं को विभिन्न पहलों को प्रदर्शित करने के लिए नए मंच उपलब्ध कराना – ये सभी महिलाओं के लिए सहायक होंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी को मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही आर्थिक संपर्क भी आवश्यक है। न केवल शहरी या उपनगरीय महिलाओं को, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को भी सशक्त बनाने की आवश्यकता है।
माता-पिता अपनी बेटियों को घर से दूर पढ़ने भेजने को लेकर चिंतित रहते हैं। कम लागत में अच्छा आवास मिलना एक बड़ी समस्या है। केंद्रीय मंत्री ने इस पर ध्यान दिया है। उन्होंने बजट में कई नई घोषणाएं भी की हैं।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित पर विशेष जोर देने वाले STEM जिलों की निगरानी की जाएगी ताकि उच्च शिक्षा प्राप्त करने में लड़कियों को किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पास छात्रावास बनाए जाएंगे जहां लड़कियां कम खर्च में पढ़ाई कर सकेंगी। इससे गांवों या ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को लाभ होगा।
यदि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पास लड़कियों के लिए कम खर्च में आवास की सुविधा उपलब्ध हो, तो वे उच्च शिक्षा के प्रति अधिक उत्साहित होंगी। अधिक लड़कियां दीर्घकालिक करियर बनाने के लिए अच्छी पढ़ाई करने के लिए प्रेरित होंगी।
केंद्र सरकार का उद्देश्य लड़कियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए लखपति दीदी योजना का विस्तार करते हुए ‘शी मार्ट्स’ की शुरुआत की गई है। इसके परिणामस्वरूप, स्वयं सहायता समूहों में शामिल महिलाएं अपने द्वारा बनाई गई विभिन्न वस्तुओं को बेचकर आसानी से पैसा कमा सकेंगी।
व्यापार क्षेत्र में महिलाओं को अधिक से अधिक पहल करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु ‘शी-मार्क’ बैज की घोषणा की गई है। इसके साथ ही वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है। इससे महिलाएं अपने स्वामित्व वाले व्यवसाय में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगी।
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1.5 लाख बहु-कुशल देखभालकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इनमें से कई महिलाएं हैं। इन्हें राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) के विभिन्न कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
2026 के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने, उनकी शैक्षणिक योग्यता में सुधार करने और वित्तीय ढांचे में उनकी स्पष्ट भागीदारी सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।