बेंटले कॉन्टिनेंटल जीटी एस का अनावरण – लग्जरी कारों की दुनिया में, बेंटले का नाम हमेशा से शाही अंदाज़ और ज़बरदस्त परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता रहा है। अब इस पहचान को थोड़ा और स्पोर्टी टच देते हुए, बेंटले ने अपनी नई चौथी पीढ़ी की कॉन्टिनेंटल जीटी रेंज में जीटी एस और जीटीसी एस को पेश किया है। ये दोनों मॉडल स्टैंडर्ड कॉन्टिनेंटल जीटी से ज़्यादा डायनामिक हैं, लेकिन इनमें अतिरिक्त पावर नहीं है। बेंटले ने सिर्फ़ आंकड़ों पर नहीं, बल्कि “ज़्यादा कंट्रोल, ज़्यादा बेहतर अनुभव और ज़्यादा ड्राइविंग का मज़ा” पर ध्यान केंद्रित किया है।
बेंटले कॉन्टिनेंटल जीटी एस और जीटीसी एस
नई बेंटले कॉन्टिनेंटल जीटी एस और जीटीसी एस को स्टैंडर्ड जीटी और जीटी स्पीड के बीच रखा गया है। जहां एक ओर स्टैंडर्ड जीटी अधिक आराम और शानदार टूरिंग के लिए बनी है, वहीं दूसरी ओर जीटी स्पीड एक पूर्ण प्रदर्शन वाली फ्लैगशिप कार है। जीटी एस इन दोनों के बीच का सुनहरा संतुलन बनाती है।
यह उन लोगों के लिए है जो बेंटले की विलासिता को छोड़ना नहीं चाहते, लेकिन ड्राइविंग के दौरान थोड़ा अधिक स्पोर्टी अनुभव भी चाहते हैं। खास बात यह है कि बेंटले ने जीटी स्पीड की कुछ उन्नत तकनीक को जीटी एस में शामिल किया है, जिससे यह न केवल दिखने में, बल्कि प्रदर्शन में भी अधिक दमदार बन गई है।
स्पोर्टी डिज़ाइन
डिज़ाइन की बात करें तो, बेंटले कॉन्टिनेंटल जीटी एस बहुत ज़्यादा प्रयोगात्मक नहीं है, लेकिन यह “क्लास” के साथ स्पोर्ट की सोच को अपनाती है। इसमें नए 22-इंच के अलॉय व्हील लगे हैं, जो कार के स्टांस को और भी चौड़ा और आक्रामक बनाते हैं। इसके साथ ही, काले रंग के बाहरी एलिमेंट्स इसे स्टैंडर्ड जीटी से तुरंत अलग पहचान देते हैं।
एक और खास अपडेट है गहरे रंग की लाइटिंग, जो पहले केवल टॉप-रेंज जीटी स्पीड में ही मिलती थी। अब यही फीचर जीटी एस और जीटीसी एस में भी मौजूद है, जो इन्हें और भी दमदार और आधुनिक लुक देता है। यह एक ऐसी कार है जो शोर नहीं मचाती, लेकिन अपनी मौजूदगी से छाप छोड़ती है।
इंटीरियर
कैबिन के अंदर कदम रखते ही यह स्पष्ट हो जाता है कि GT S रेंज के लिए विशेष दो-रंग संयोजन दिए गए हैं, जो इसे अधिक युवा और स्पोर्टी लुक देते हैं। पियानो ब्लैक वेनियर मानक है, जबकि कार्बन फाइबर ट्रिम का विकल्प भी उपलब्ध है।
बेंटले अपनी बारीकियों और सामग्री की गुणवत्ता के लिए जानी जाती है, और वही शाही एहसास यहां भी बरकरार है। एकमात्र अंतर यह है कि अब, विलासिता के साथ-साथ, चालक को थोड़ा और “जुड़ाव” का अनुभव कराने का प्रयास किया गया है।
बेंटले ने कॉन्टिनेंटल GT का नया परफॉर्मेंस मॉडल, S लॉन्च किया
इंजन
इंजन स्पेसिफिकेशन्स को देखें तो GT S और GTC S में कोई खास बदलाव नहीं दिखता। इनमें स्टैंडर्ड कॉन्टिनेंटल GT की तरह ही उच्च-प्रदर्शन वाला हाइब्रिड पावरट्रेन दिया गया है। इसमें ट्विन-टर्बो V8 इंजन से जुड़ा हाइब्रिड सिस्टम है, जो कुल 671 bhp की शक्ति और 930 Nm का टॉर्क उत्पन्न करता है।
स्टैंडर्ड GT की तुलना में, GT S में बेंटले परफॉर्मेंस एक्टिव चेसिस तकनीक दी गई है, जो सीधे GT स्पीड और GT मुलीनर से ली गई है।
एक्सेलरेशन और स्पीड
बेंटले कॉन्टिनेंटल GT S अब सिर्फ 3.5 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है, जबकि स्टैंडर्ड GT को यही करने में 3.7 सेकंड लगते हैं। कागज़ पर यह अंतर छोटा लगता है, लेकिन असल ड्राइविंग में यह अतिरिक्त तेज़ी साफ महसूस होती है। हालांकि, टॉप स्पीड पहले की तरह ही 305 किमी प्रति घंटे है, जिससे पता चलता है कि बेंटले ने यहां संतुलन बनाए रखा है, न कि सिर्फ आंकड़ों का खेल खेला है।