केंद्रीय बजट 2026: आम आदमी को 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से बहुत उम्मीदें हैं। कल, 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर सबकी निगाहें टिकी हैं। सबके मन में यही सवाल है कि इस बार बजट कैसा होगा और क्या सस्ता होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे बजट 2026 पेश करेंगी। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रही हैं।
इसके अलावा, पहली बार बजट रविवार को पेश किया जाएगा। बजट भाषण दूरदर्शन और भारत सरकार के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध होगा। बजट 2026 का सीधा प्रसारण आधिकारिक संसदीय चैनल, संसद टीवी और राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल, दूरदर्शन पर किया जाएगा। अगर आपके परिवार में कोई शादी है और आप सोने के गहने खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय बजट 2026-27 आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बजट से पहले, रत्न एवं आभूषण उद्योग को सरकार से कई बड़े सुधारों की उम्मीदें थीं।
आयात शुल्क में कमी
सबसे बड़ी मांग सोने, चांदी, प्लैटिनम और रंगीन रत्नों जैसे कच्चे माल पर आयात शुल्क में कमी की है। भारत इन धातुओं के आयात पर काफी हद तक निर्भर है। उच्च शुल्क लागत बढ़ाते हैं, जिससे भारतीय आभूषण विदेशों में महंगे हो जाते हैं। आयात शुल्क कम होने से आभूषणों की कीमतें गिर सकती हैं और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
सोने पर जीएसटी में कमी
घरेलू बाजार में जीएसटी एक बड़ा मुद्दा है। वर्तमान में आभूषणों पर 3 प्रतिशत जीएसटी लगता है और इसे घटाकर 1 से 1.25 प्रतिशत करने की मांग है। उद्योग जगत का कहना है कि ऊंची कीमतों के कारण ग्राहक खरीदारी टाल रहे हैं। जीएसटी कम होने से सोना सस्ता हो जाएगा और मांग बढ़ सकती है।
सरकार सोने पर सीमा शुल्क 6% से घटाकर 4% कर सकती है। ऐसा होने पर सोने की कीमत लगभग 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 6,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर सकती है। 2025 में सोने की कीमत में 75% और चांदी की कीमत में 167% की वृद्धि हुई थी।
सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि के कारण:
युद्ध और अनिश्चितता: वैश्विक तनाव बढ़ने के साथ, निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए सोने को एक “सुरक्षित निवेश” के रूप में देखा। वित्तीय सेवा फर्म जेपी मॉर्गन के अनुसार, अनिश्चितता ही कीमतों में सबसे बड़ा कारक रही है।
कमजोर डॉलर: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के कारण अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है। चूंकि सोने और चांदी का व्यापार डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर के गिरने से इनकी कीमतों में उछाल आया।
क्या सस्ता हो सकता है?
स्मार्टफोन और टैबलेट: मोबाइल स्पेयर पार्ट्स पर सीमा शुल्क में कमी के बाद भारत में बने फोन सस्ते हो सकते हैं।
किफायती घर: गृह ऋण ब्याज पर कर छूट की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जा सकती है, जिससे लोगों के लिए घर खरीदना आसान हो जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी): बैटरी निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल पर कर कम होने से इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारें सस्ती हो सकती हैं।
कैंसर की दवाएं: गंभीर बीमारियों की दवाओं और जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरणों पर कर कम करने से उपचार में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।
घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स: भारत में निर्मित टीवी, रेफ्रिजरेटर और अन्य घरेलू उपकरणों पर करों में छूट मिलने की उम्मीद है।