140 मिलियन पासवर्ड लीक हो चुके हैं, क्या आपका जीमेल अकाउंट खतरे में है? जानिए कैसे जांचें

Saroj kanwar
4 Min Read

पिछले कुछ दिनों से तकनीकी जगत में एक बड़ी खबर तेजी से फैल रही है, जिसमें दावा किया गया है कि लगभग 149 मिलियन ईमेल पते और पासवर्ड इंटरनेट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। सोशल मीडिया और ऑनलाइन मंचों पर यह चर्चा और भी तेज हो गई है क्योंकि इस सूची में जीमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम, नेटफ्लिक्स और पेपाल जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म शामिल हैं। स्वाभाविक रूप से, उपयोगकर्ता यह सोच रहे हैं कि क्या उनके खाते भी खतरे में हैं।
क्या यह कोई नया साइबर हमला है?

इस स्थिति को समझना ज़रूरी है। रिपोर्टों के अनुसार, यह डेटा किसी एक कंपनी के सर्वर को हैक करके हासिल नहीं किया गया है। असल में, यह कई सालों में विभिन्न वेबसाइटों और ऐप्स से लीक हुए पुराने डेटा का संग्रह है। साइबर सुरक्षा की भाषा में इसे “लीकेज का संकलन” कहा जाता है। इसका मतलब है कि पहले चुराए गए डेटा को एक जगह इकट्ठा किया गया है, जिससे लीक का आकार बहुत बड़ा दिखाई देता है।

असली खतरा कहाँ है?
इस पूरी स्थिति में सबसे बड़ा खतरा उन लोगों के लिए है जो कई वेबसाइटों और ऐप्स पर एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं। अगर आपका ईमेल और पासवर्ड पहले ही किसी डेटा लीक में लीक हो चुका है, तो हैकर्स उसी जानकारी का इस्तेमाल करके दूसरी साइटों पर भी हमला करने की कोशिश करेंगे। इस तरीके को क्रेडेंशियल स्टफिंग अटैक कहा जाता है। इसके लिए किसी नई वेबसाइट को हैक करने की ज़रूरत नहीं होती; बल्कि, यूज़र की कमज़ोर पासवर्ड की आदत ही हमले का एंट्री पॉइंट बन जाती है।

कैसे पता करें कि आपका डेटा लीक हुआ है

यूज़र्स के लिए अच्छी खबर यह है कि वे खुद पता लगा सकते हैं कि उनका ईमेल एड्रेस किसी डेटा ब्रीच का हिस्सा रहा है या नहीं। इसके लिए Have I Been Pwned नाम की एक भरोसेमंद वेबसाइट मौजूद है। यह प्लेटफॉर्म साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट ट्रॉय हंट ने बनाया है और दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों द्वारा मान्यता प्राप्त है। वेबसाइट पर अपना ईमेल एड्रेस डालकर आप पता लगा सकते हैं कि आपका ईमेल किन डेटा ब्रीच में शामिल था, ब्रीच का साल क्या था, और क्या पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी लीक हुई थी।

डेटा लीक होने पर क्या करें

यदि जांच में पता चलता है कि आपका ईमेल पता किसी पुराने डेटा लीक का हिस्सा था, तो घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। सबसे पहले, उस वेबसाइट का पासवर्ड बदलें जहां से डेटा लीक हुआ था। इसके बाद, यह जांचना ज़रूरी है कि क्या आप किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर भी उसी पासवर्ड का उपयोग कर रहे हैं। भविष्य में, हर प्रमुख और महत्वपूर्ण वेबसाइट के लिए अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करना समझदारी होगी। पासवर्ड लीक होने पर भी, अपने खाते को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत दो-चरणीय सत्यापन या दो-कारक प्रमाणीकरण सक्रिय करें।
पासवर्ड प्रबंधन क्यों महत्वपूर्ण है?

आज के दौर में, दर्जनों ऐप्स और वेबसाइटों के पासवर्ड याद रखना आसान नहीं है। यही कारण है कि पासवर्ड मैनेजर टूल्स इतने आवश्यक हो गए हैं। ये टूल्स न केवल आपके पासवर्ड को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि प्रत्येक साइट के लिए मजबूत और अद्वितीय पासवर्ड भी बनाते हैं। इससे एक ही पासवर्ड को बार-बार इस्तेमाल करने की आदत खत्म हो जाती है और आपके खातों की सुरक्षा में काफी वृद्धि होती है।

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