लखपति दीदी योजना: भारत सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कई योजनाएं चला रही है। आज की महिलाएं अब घर-परिवार तक सीमित नहीं हैं। वे व्यापार, स्टार्टअप, कृषि, डेयरी और सेवा क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने लखपति दीदी योजना शुरू की है। यह योजना उन महिलाओं के लिए आशा की एक नई किरण बनकर उभरी है जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं या अपने मौजूदा छोटे व्यवसायों का विस्तार करना चाहती हैं।
लखपति दीदी योजना क्या है?
लखपति दीदी योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाता है। इस ऋण का उपयोग स्वरोजगार शुरू करने, लघु उद्योग स्थापित करने या मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने के लिए किया जा सकता है। सरकार इस योजना के तहत ऋण पर ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, इसलिए महिलाओं को वास्तविक ब्याज का बोझ नहीं उठाना पड़ता है। यह योजना महिलाओं को कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर प्रदान करती है।
लाभार्थी कौन हो सकते हैं?
इस योजना का लाभ केवल मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिलाएं ही उठा सकती हैं। लखपति दीदी योजना केवल ऋण तक सीमित नहीं है। महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि वे प्रभावी ढंग से स्थायी व्यवसाय स्थापित कर सकें। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं की वार्षिक आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके अलावा, महिलाओं को बाजार से जुड़ने, अपने उत्पादों को बेचने और अपने व्यवसाय को पेशेवर रूप से चलाने में सहायता मिलती है।
आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानें
18 से 50 वर्ष की आयु की महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करने से पहले स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) में शामिल होना अनिवार्य है। शामिल होने के बाद, उन्हें प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा और व्यवसाय से संबंधित सभी विवरणों सहित एक व्यावसायिक योजना तैयार करनी होगी। महिलाएं ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। वैकल्पिक रूप से, वे स्थानीय एसएचजी कार्यालय, ग्रामीण विकास विभाग या निकटतम बैंक में ऑफलाइन फॉर्म भी जमा कर सकती हैं।