केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आजकल चिकित्सा उपचार की बढ़ती लागत को लेकर कई लोग चिंतित हैं। इस चिंता को दूर करने के लिए, केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) और न्यू इंडिया एश्योरेंस ने संयुक्त रूप से “परिपूर्ण मेडिक्लेम आयुष बीमा” शुरू किया है। यह नई योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए सामान्य स्वास्थ्य बीमा का एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी।
बीमा कवरेज और वित्तीय सुरक्षा
इस नई स्वास्थ्य बीमा योजना में, केंद्रीय कर्मचारियों को अपने और अपने परिवार के लिए व्यापक कवरेज मिलेगा। यह पॉलिसी भारत के किसी भी हिस्से में अस्पताल में भर्ती होने और इलाज कराने पर पूरी तरह से प्रभावी होगी।
बीमा राशि: उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं और क्षमता के अनुसार 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक की बीमा राशि चुन सकते हैं। इससे किसी भी गंभीर शारीरिक बीमारी की स्थिति में भारी आर्थिक सहायता मिलेगी।
अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद का कवरेज: यह बीमा न केवल अस्पताल में भर्ती होने के दौरान होने वाले खर्चों को कवर करता है, बल्कि अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के खर्चों को भी कवर करता है। यह पॉलिसी अस्पताल में भर्ती होने से 30 दिन पहले और अस्पताल से छुट्टी मिलने के 60 दिन बाद तक के सभी चिकित्सा खर्चों को कवर करेगी।
किस्त भुगतान के लाभ और प्रीमियम पर भारी छूट
पूर्ण मेडिक्लेम की एक आकर्षक विशेषता प्रीमियम भुगतान में मिलने वाली सुविधा है। बीमाकर्ता पूरी राशि एक बार में चुकाने के बजाय दो किस्तों में प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि आप ‘लागत साझाकरण’ या खर्च साझा करने का मॉडल चुनते हैं, तो आपको प्रीमियम पर भारी छूट मिल सकती है।
लागत साझाकरण मॉडल के तहत प्राप्त प्रीमियम पर छूट
70-30 मॉडल (बीमाकर्ता लागत का 30% भुगतान करेगा) 28 प्रतिशत छूट
50-50 मॉडल (बीमाकर्ता लागत का 50% भुगतान करेगा) 42 प्रतिशत छूट
सरल शब्दों में कहें तो, यदि आप चिकित्सा खर्चों का आधा या 30 प्रतिशत स्वयं वहन करने को तैयार हैं, तो आप बीमा प्रीमियम का आधा तक बचा सकते हैं। यह मॉडल उन लोगों के लिए बहुत लाभदायक है जो आमतौर पर स्वस्थ रहते हैं लेकिन बड़े जोखिमों के लिए बीमा कराना चाहते हैं।
बोनस और कमरा किराया नियम
न्यू इंडिया एश्योरेंस की इस पॉलिसी में अस्पताल के कमरे के किराए और नो-क्लेम बोनस के संबंध में कुछ शर्तें और लाभ भी हैं:
कमरा किराया: बीमा कंपनी अस्पताल के सामान्य कमरे के किराए के रूप में मूल बीमा राशि का 1 प्रतिशत और आईसीयू के मामले में 2 प्रतिशत तक वहन करेगी।
नो क्लेम बोनस: यदि किसी वर्ष कोई क्लेम नहीं किया जाता है, तो बीमित व्यक्ति को अगले वर्ष 10 प्रतिशत बोनस मिलेगा। इस प्रकार, बोनस हर वर्ष जमा होने के साथ मूल बीमा राशि के 100 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। यानी, क्लेम न होने पर कवरेज को दोगुना करने का मौका है।
केंद्र सरकार की यह पहल कर्मचारियों और विशेष रूप से वृद्ध पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत है। इससे न केवल इलाज का खर्च कम होगा, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।