यदि आप धान और गेहूं की पारंपरिक खेती से हटकर कुछ अलग कर सकते हैं, तो आपकी आय न केवल दोगुनी हो सकती है, बल्कि कई गुना बढ़ भी सकती है। इस लिहाज से, काली हल्दी या नीली हल्दी की खेती एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। क्योंकि, इस हल्दी की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत भी आसमान छू रही है। औषधीय गुणों से भरपूर यह फसल अब आयुर्वेद और हर्बल उद्योगों में हीरे के बराबर कीमती हो गई है।
काली हल्दी क्या है और यह इतनी महंगी क्यों है?
काली हल्दी दिखने में नीले रंग की होती है और इसकी गंध कपूर जैसी होती है। इसमें साधारण हल्दी की तुलना में कहीं अधिक औषधीय गुण होते हैं। यह मुख्य रूप से कैंसर की रोकथाम, रक्तचाप या गठिया, त्वचा या श्वसन संबंधी समस्याओं के उपचार में कारगर है, और महिलाओं की स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के लिए भी एक उपाय के रूप में काम करती है। इसकी मांग न केवल भारत में बल्कि अमेरिका, जर्मनी, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका में भी बहुत अधिक है।
काली हल्दी की खेती कैसे करें?
आपको बता दें कि काली हल्दी की खेती आमतौर पर जून और जुलाई के बीच की जाती है। इस फसल की खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी और अच्छी जल निकासी प्रणाली आवश्यक है। इसके पौधों को लगभग चार से पांच इंच की दूरी पर लगाना चाहिए। नियमित रूप से हल्का पानी देना चाहिए; अधिक पानी देने से समस्या हो सकती है।
आपको बता दें कि फसल की कटाई लगभग 8 से 10 महीने बाद करनी होती है। फसल की कटाई तब करना उचित होता है जब पत्तियां थोड़ी सूखने लगें। प्रति एकड़ लगभग 10 से 12 क्विंटल काली हल्दी का उत्पादन किया जा सकता है।
पैदावार और मुनाफ़ा कितना होगा?
यह ज्ञात है कि यदि आप एक एकड़ भूमि में अच्छी गुणवत्ता वाली हल्दी की खेती कर सकते हैं, तो 10 से 12 क्विंटल फसल का उत्पादन हो सकता है। हल्दी का भाव लगभग 800 से 1500 टका प्रति किलो है। परिणामस्वरूप, आपकी आय 8 से 12 लाख टका तक हो सकती है। और यदि आप अपनी स्वयं की प्रसंस्करण इकाई स्थापित करके इसे पाउडर बनाकर बेचते हैं, तो मुनाफ़ा कई गुना अधिक होगा।
काली हल्दी के औषधीय गुण
काली हल्दी में कैंसर रोधी, सूजन रोधी, जीवाणु रोधी और विषाणु रोधी गुण होते हैं। इसके अलावा, यह काली हल्दी हृदय को स्वस्थ रखती है, रक्त संचार बढ़ाती है और गठिया तथा त्वचा रोगों में भी कारगर है। साथ ही, यह हल्दी महिलाओं की विभिन्न समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद है।
जहां एक एकड़ धान या गेहूं की खेती करके आप महीने में 20-30 हजार रुपये भी नहीं कमा सकते, वहीं काली हल्दी की खेती आपको लाखों रुपये दे सकती है। इसलिए इस औषधीय फसल की ओर कदम बढ़ाएं और अपना भविष्य सुरक्षित करें।