बीमा प्रीमियम: प्रतिदिन लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं, लेकिन बहुत कम यात्रियों को यह जानकारी है कि ऑनलाइन रेलवे टिकट बुक करने पर उन्हें किफायती यात्रा बीमा का विकल्प भी मिलता है। इस बीमा का प्रीमियम 1 रुपये से भी कम है, जबकि दुर्घटना की स्थिति में लाखों रुपये का कवरेज मिलता है। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि अगर यह सुविधा ऑनलाइन टिकटों के लिए उपलब्ध है, तो काउंटर से खरीदे गए टिकटों के लिए क्यों नहीं है। इसीलिए यह खबर यात्रियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
रेलवे यात्रा बीमा क्या है?
IRCTC के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करते समय, यात्रियों को यात्रा बीमा लेने या न लेने का विकल्प दिया जाता है। यह पूरी तरह से वैकल्पिक है, लेकिन दुर्घटनाओं या अप्रत्याशित परिस्थितियों में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। 1 रुपये से भी कम में उपलब्ध यह बीमा यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।
बीमा कवरेज कितना है?
रेलवे यात्रा बीमा के तहत, ट्रेन दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता होने पर लगभग 10 लाख रुपये तक का कवरेज मिलता है। इसके अलावा, आंशिक विकलांगता के लिए 7.5 लाख रुपये और अस्पताल में भर्ती होने के लिए 2 लाख रुपये तक का कवरेज मिलता है। इतनी कम लागत में इतना बड़ा सुरक्षा कवच इसे बेहद खास बनाता है।
ऑनलाइन टिकटों पर ही बीमा उपलब्ध
वर्तमान में, यह सुविधा केवल ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर ही उपलब्ध है। इसका कारण यह है कि बीमा कंपनियों का डेटा IRCTC के डिजिटल सिस्टम से सीधे जुड़ा हुआ है। काउंटर से खरीदे गए टिकटों में यात्री की जानकारी मैन्युअल रूप से दर्ज की जाती है, इसलिए उनमें बीमा जोड़ना तकनीकी रूप से कठिन माना जाता था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर सवाल उठाए जाने के बाद, भविष्य में इस प्रणाली में बदलाव की संभावना बढ़ गई है।
भविष्य में क्या बदलाव हो सकते हैं?
1 रुपये से कम प्रीमियम वाला रेलवे यात्रा बीमा एक छोटा सा निवेश है, लेकिन यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। सुप्रीम कोर्ट की जांच के बाद, यह उम्मीद की जा रही है कि काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्री भी भविष्य में इस बीमा का लाभ उठा सकेंगे। इससे सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और ट्रेन यात्रा और भी सुरक्षित हो जाएगी।