ईपीएफओ 3.0 अपडेट: ईपीएफओ 3.0 जल्द ही भारत में लॉन्च होने वाला है, जिससे भविष्य निधि (पीएफ) लाभार्थियों को महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे। ईपीएफओ 3.0 कर्मचारियों के लिए कई प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा, जिसमें पीएफ निकासी प्रक्रिया भी शामिल है। कर्मचारी यूपीआई के माध्यम से आसानी से अपनी धनराशि स्थानांतरित कर सकेंगे।
अधिकांश प्रक्रियाएं डिजिटल हो जाएंगी। पीएफ लाभार्थियों को अब निकासी के लिए आवेदन जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रौद्योगिकी उन्नयन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र सहित देश भर में लाखों सदस्यों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं को सरल और त्वरित बनाना है।
ईपीएफओ 3.0 क्या है?
ईपीएफओ 3.0 एक नया पोर्टल है। इसमें नए बैकएंड सॉफ्टवेयर और कोर बैंकिंग समाधान का उपयोग भी शामिल होगा, जो आज की नेट बैंकिंग प्रणाली के समान होगा। ईपीएफओ एक केंद्रीकृत प्रणाली में परिवर्तित होगा, जिससे सदस्य अपने खाते के पंजीकरण स्थान की परवाह किए बिना, किसी भी ईपीएफओ कार्यालय में अपनी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे।
ईपीएफओ की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 8 करोड़ सक्रिय सदस्य हैं, जो लगभग 28 लाख करोड़ रुपये की निधि का प्रबंधन करते हैं। ईपीएफओ हर साल पीएफ ग्राहकों को ब्याज राशि हस्तांतरित करता है।
सबसे अधिक लाभ किसे होगा?
नए श्रम संहिता से सामाजिक सुरक्षा के दायरे में अधिक कर्मचारियों के आने की उम्मीद है। ईपीएफओ अपने उपयोगकर्ता आधार में भारी वृद्धि के लिए तैयारी कर रहा है।
इसके अतिरिक्त, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए प्रस्तावित सामाजिक सुरक्षा कोष के अलावा, असंगठित श्रमिकों के लिए एक अलग कोष के प्रबंधन की जिम्मेदारी भी इसे सौंपी जा सकती है। इस प्रणाली को अधिक मात्रा, अधिक लेनदेन और विविध सदस्य प्रोफाइल को संभालने के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है।