क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में बड़ा ट्विस्ट – देव और सलोनी की शादी पक्की हो गई है। बापूजी ने हेमंत से सगाई के बारे में लंबी बातचीत की। हेमंत ने साफ तौर पर कहा कि इस समय उनके पूरे परिवार का आना संभव नहीं होगा, लेकिन बापूजी ने बीच का रास्ता निकाला और तीन महीने बाद सगाई करने का सुझाव दिया। लेकिन कहानी में तब मोड़ आया जब हेमंत ने कहा कि चूंकि मिहिर और तुलसी मौजूद हैं, इसलिए सगाई अभी भी हो सकती है। यह सुनकर बापूजी बहुत खुश हुए।
तुलसी का बढ़ता प्रभाव देखकर नोयोना हैरान है।
बापूजी ने साफ तौर पर कहा कि वे इस सगाई की जिम्मेदारी तुलसी को सौंप रहे हैं और इसीलिए वे कर्ज चुकाने के लिए समय सीमा बढ़ा रहे हैं। यह बात नोयोना को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई। ऊपर से, उसकी बहन के ताने ने आग में घी ही डाल दिया। सभी का मानना है कि ईश्वर की इच्छा से मिहिर और तुलसी एक बार फिर पति-पत्नी के रूप में सभी रस्में निभा रहे हैं।
नोयोना एक बार फिर देव को बहकाने की कोशिश करती है।
नोयोना अब देव को भड़काने की कोशिश कर रही है। वही देव जिसे उसने पहले पैसों का लालच देकर सगाई के लिए राजी किया था, अब उसे सगाई तोड़ने के लिए कह रही है। लेकिन देव मूर्ख नहीं है! उसने नोयोना को साफ-साफ जवाब दिया—”पहले तुमने मुझे हां कहलवा दिया, अब क्यों मना कर रही हो?” देव को सिर्फ पैसों और बापूजी से मिलने वाली हीरे की अंगूठी में दिलचस्पी है, इसलिए उसने सगाई तोड़ने से साफ इनकार कर दिया।
क्या परी, रणविजय का पर्दाफाश करेगी?
दूसरी ओर, परी और रणविजय के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। परी ने वीडियो कॉल पर रणविजय से साफ कह दिया कि अगर वह उसके साथ नहीं रहना चाहता तो उसे छोड़ दे। रणविजय का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया, लेकिन तुलसी ने उसकी सारी बातें सुन लीं। तुलसी ने सीधे परी से पूछा, “क्या रणविजय ने तुम पर हाथ उठाया है?”