पुलिस ने नई प्रणाली शुरू की, अब आप मौके पर ही ट्रैफिक जुर्माना भर सकते हैं, जानिए कैसे।

Saroj kanwar
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ट्रैफ़िक चालान अपडेट: अगर आप चार पहिया या दो पहिया वाहन चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। ट्रैफ़िक जुर्माना भरना अब बहुत आसान हो गया है। ट्रैफ़िक पुलिस ने इसके लिए एक नई प्रणाली शुरू की है। इस प्रणाली के तहत, चालान मिलने के तुरंत बाद आप यूपीआई के माध्यम से जुर्माना राशि का भुगतान कर सकते हैं।

दिल्ली सरकार ने क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली शुरू की है। इस प्रणाली के माध्यम से लोग यूपीआई का उपयोग करके मौके पर ही अपना चालान भर सकते हैं। यह सुविधा पूरे दिल्ली राज्य में लागू कर दी गई है। इससे ऑनलाइन पोर्टलों पर भुगतान विफलताओं और चालान भुगतान के लिए लंबे इंतजार से जुड़ी सभी समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।मौके पर ही चालान भुगतान की सुविधा

नई प्रणाली के तहत, दिल्ली यातायात पुलिस ने शहर भर में लगभग 1,500 क्यूआर कोड स्कैनर लगाए हैं। जब किसी वाहन का चालान जारी किया जाता है, तो यातायात पुलिस अधिकारी चालान जारी करने के बाद व्यक्ति से भुगतान का पसंदीदा तरीका पूछते हैं। यदि ऑनलाइन भुगतान चुना जाता है, तो अधिकारी मोबाइल नंबर के आधार पर एक क्यूआर कोड जनरेट करते हैं।

वाहन चालक या व्यक्ति किसी भी यूपीआई ऐप, जैसे गूगल पे, फोनपे या पेटीएम, से क्यूआर कोड स्कैन करके तुरंत भुगतान कर सकते हैं। भुगतान सफल होते ही, चालान स्वचालित रूप से सिस्टम में अपडेट हो जाता है और भुगतान की पुष्टि का संदेश भी प्राप्त होता है।

पुराने लंबित चालान भी चुकाए जा सकते हैं

इस नई सुविधा का लाभ केवल मौके पर जारी किए गए चालानों तक ही सीमित नहीं है। यदि किसी वाहन पर पहले से ही लंबित चालान हैं, तो वाहन के पंजीकरण नंबर का उपयोग करके यूपीआई ऐप में लंबित चालानों का विवरण प्रदर्शित किया जाएगा। वहां से चालान का चयन करके सीधे भुगतान किया जा सकता है, जिससे अदालतों या पोर्टलों पर जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

अब इसे दिल्ली भर में लागू किया जाएगा।
जनवरी के पहले दो हफ्तों में, इस प्रणाली को दिल्ली के पांच ट्रैफिक सर्किलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया गया। यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा, जिसके बाद इसे पूरे दिल्ली में लागू कर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम आम जनता की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। पहले, लोगों को सरकारी या अदालती पोर्टलों पर भुगतान करते समय तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, जिसके कारण चालान (ट्रैफिक फाइन) लंबित रहते थे। अब, मौके पर ही डिजिटल भुगतान की सुविधा से यह समस्या हल हो जाएगी।

इस नई प्रणाली के क्या फायदे होंगे?

पिछले साल, दिल्ली में लगभग 20 लाख चालान और इतनी ही संख्या में कैमरा संबंधी नोटिस लंबित पाए गए थे। क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली इन लंबित चालानों को कम करने में मदद करेगी। इससे कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। चूंकि भुगतान तुरंत सिस्टम में दर्ज हो जाएगा, इसलिए लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

हालांकि, यातायात पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी अज्ञात क्यूआर कोड को स्कैन करने से पहले, सुनिश्चित करें कि भुगतान केवल आधिकारिक यातायात पुलिस चैनलों के माध्यम से ही किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

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