कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम: भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 1,50,000 लोगों की मौत होती है। इनमें से कई मौतें चिकित्सा उपचार न मिलने के कारण होती हैं। समय पर उपचार मिलने से सैकड़ों जानें बचाई जा सकती हैं। उपचार में एक बड़ी समस्या पैसों की है। उपचार के लिए पर्याप्त धन की आवश्यकता होती है, और कई बार रिश्तेदार उपलब्ध नहीं होते हैं, और यदि होते भी हैं, तो उनके पास आवश्यक धन नहीं होता है। केंद्र सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक क्रांतिकारी “कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम” शुरू करेंगे। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद के पहले घंटे (गोल्डन आवर) के दौरान जानें बचाना है। 14 मार्च, 2024 को सड़क परिवहन मंत्रालय ने चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार प्रदान करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। बाद में इस प्रोजेक्ट को छह राज्यों में विस्तारित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से इन मौतों में 30% से 50% तक कमी आ सकती है।
1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार
इस योजना के तहत, सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का नकद उपचार मिलेगा। यह सुविधा दुर्घटना के समय से अधिकतम सात दिनों तक मान्य रहेगी। कोई भी भारतीय नागरिक (चाहे उनके पास कोई अन्य बीमा हो या न हो) और विदेशी पर्यटक इस योजना के लिए पात्र हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्घटना के बाद का पहला घंटा ‘गोल्डन आवर’ कहलाता है, जो उपचार प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय समस्याओं या कागजी कार्रवाई के कारण उपचार में देरी न हो। पीड़ित इस कार्यक्रम में शामिल किसी भी स्थानीय अस्पताल (सरकारी या निजी) में जा सकते हैं।
अस्पतालों को सरकार से सीधे भुगतान प्राप्त होगा। सड़क दुर्घटनाओं के लिए एक विशेष कोष स्थापित किया गया है, जिसे बीमा कंपनियों और अन्य वित्तपोषण स्रोतों का समर्थन प्राप्त है।
यह कैसे काम करता है?
इस पहल के लिए एक आईटी प्लेटफॉर्म स्थापित किया गया है:
दुर्घटना होने पर, अस्पताल या एम्बुलेंस कर्मचारी पोर्टल पर विवरण दर्ज करेंगे।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दुर्घटना का डिजिटल रूप से तुरंत सत्यापन करेंगे।
अस्पताल बिना किसी अग्रिम भुगतान की मांग किए तुरंत इलाज शुरू कर देगा।
सरकार इलाज का खर्च सीधे अस्पताल के खाते में हस्तांतरित करेगी।
अस्पतालों की सूची कैसे देखें?
इस नई कैशलेस पहल (सड़क दुर्घटना पीड़ित कैशलेस उपचार योजना) में शामिल अस्पतालों की सूची ढूंढना बेहद आसान है। चूंकि यह योजना आयुष्मान भारत (पीएम-जेएवाई) नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती है, इसलिए आप उसी पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।
आधिकारिक आयुष्मान भारत वेबसाइट के माध्यम से:
hospitals.pmjay.gov.in पर लॉग इन करें।
अपना ‘राज्य’ और ‘जिला’ चुनें।
‘अस्पताल का प्रकार’ में आप सार्वजनिक या निजी में से कोई एक चुन सकते हैं।
कैप्चा कोड भरें और ‘खोजें’ पर क्लिक करें। आपको अपने आस-पास के सभी अस्पतालों के नाम, पते और फ़ोन नंबरों की सूची दिखाई देगी।
आयुष्मान ऐप के माध्यम से
ऐप खोलें और ‘अस्पताल खोजें’ विकल्प चुनें।
अपना स्थान (जीपीएस) चालू करें या अपना पिन कोड मैन्युअल रूप से दर्ज करें।
यह ऐप आपके निवास स्थान के निकटतम उस अस्पताल को दिखाएगा जो दुर्घटना की स्थिति में नकद भुगतान रहित उपचार प्रदान करता है।
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर
14555: यह आयुष्मान भारत की राष्ट्रीय हेल्पलाइन है।
1033: यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की हेल्पलाइन है, जो विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं और राजमार्ग पर स्थित निकटतम आघात केंद्र के बारे में जानकारी के लिए है।