प्लेटफ़ॉर्म टिकट की वैधता: भारत में प्रतिदिन लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं। यात्रियों के अलावा, यात्रियों को छोड़ने या लेने आने वाले लोगों की मौजूदगी से रेलवे स्टेशन बहुत भीड़भाड़ वाले हो जाते हैं। ऐसे में स्टेशन परिसर में प्रवेश करने और प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंचने के लिए प्लेटफ़ॉर्म टिकट खरीदना आवश्यक है। स्टेशन परिसर के अंदर बिना टिकट के पकड़े जाने पर जुर्माना लग सकता है।
अक्सर लोग प्लेटफ़ॉर्म टिकट तो खरीद लेते हैं, लेकिन उससे जुड़े नियमों पर ध्यान नहीं देते। कई लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि प्लेटफ़ॉर्म टिकट पूरे दिन के लिए वैध नहीं होता। इसकी एक निश्चित समय सीमा होती है और इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम भी होते हैं।
प्लेटफ़ॉर्म टिकट कितने समय तक वैध रहता है?
रेलवे नियमों के अनुसार, ₹10 का प्लेटफ़ॉर्म टिकट केवल 2 घंटे के लिए वैध होता है। इसका मतलब है कि आप टिकट खरीदने के समय से अधिकतम दो घंटे तक स्टेशन परिसर या प्लेटफ़ॉर्म पर रह सकते हैं। उसके बाद टिकट स्वतः ही अमान्य हो जाता है।
यदि कोई व्यक्ति दो घंटे से अधिक समय तक प्लेटफ़ॉर्म पर रहता है और टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा पकड़ा जाता है, तो जुर्माना लगाया जा सकता है। इसलिए, जब भी आप किसी मित्र या रिश्तेदार को छोड़ने या लेने स्टेशन जाएं, तो टिकट खरीदने का समय याद रखें।
प्लेटफ़ॉर्म टिकट के बिना पकड़े जाने पर कितना जुर्माना लगता है?
यदि कोई व्यक्ति प्लेटफ़ॉर्म टिकट के बिना स्टेशन के अंदर पाया जाता है, तो उस पर कम से कम ₹250 का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, उस प्लेटफ़ॉर्म से जाने वाली पिछली ट्रेन या आने वाली अगली ट्रेन का दोगुना किराया भी वसूला जा सकता है।
प्लेटफ़ॉर्म टिकटों की संख्या भी सीमित है।
प्लेटफ़ॉर्म टिकटों की संख्या रेलवे स्टेशन की क्षमता और स्थान के अनुसार निर्धारित की जाती है। सीमा पूरी हो जाने पर रेलवे कर्मचारी टिकट जारी करने से इनकार कर सकते हैं।
प्लेटफ़ॉर्म टिकट का उद्देश्य स्टेशन पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए, अगली बार जब आप स्टेशन जाएं, तो प्लेटफ़ॉर्म टिकट खरीदना न भूलें और उसकी वैधता का ध्यान रखें। यह छोटा सा नियम आपको जुर्माने और अनावश्यक परेशानी से बचा सकता है।