केंद्रीय बजट 2026: मोदी सरकार पीएम किसान निधि में वृद्धि कर सकती है

Saroj kanwar
4 Min Read

भारतीय किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) महज एक योजना नहीं, बल्कि खेती के मुश्किल समय में जीवन रेखा है। फिलहाल, देशभर में लाखों पात्र किसान अपनी 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन असली चर्चा 1 फरवरी, 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट को लेकर है।

क्या मोदी सरकार इस बार किसानों को ₹6,000 की वार्षिक राशि बढ़ाकर कोई बड़ा तोहफा देगी? कृषि मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच चल रही चर्चाओं से संकेत मिलता है कि इस साल का बजट आवंटन पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है।

पीएम-किसान के मौजूदा आंकड़े
2019 में शुरू हुई यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजनाओं में से एक बन गई है। सरकार ने हर साल योजना के बजट में महत्वपूर्ण वृद्धि की है ताकि कोई भी पात्र किसान इस लाभ से वंचित न रहे। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में वास्तविक व्यय ₹61,440.74 करोड़ था, इसे 2024-25 के लिए बढ़ाकर ₹63,500 करोड़ कर दिया गया है।
आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री किसान बजट में लगभग ₹2,059.26 करोड़ की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह इस बात का प्रमाण है कि लाभार्थियों की बढ़ती संख्या और खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार धन की कमी से बचने के लिए दृढ़ संकल्पित है। अनुमान है कि आगामी 2025-26 का बजट ₹65,000 करोड़ से अधिक होगा।

क्या ₹6,000 की राशि में वृद्धि होगी?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी, 2026 को संसद में बजट पेश किए जाने पर किसानों की सबसे बड़ी मांग वार्षिक राशि में वृद्धि की होगी। किसान संगठनों की लंबे समय से यह मांग रही है कि उर्वरकों, बीजों और डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए ₹6,000 की वार्षिक वित्तीय सहायता अपर्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी के लिए सरकार इस राशि को बढ़ाकर ₹8,000 या ₹9,000 प्रति वर्ष कर सकती है। इसके अलावा, बजट में डिजिटल फसल सर्वेक्षण और डेटाबेस प्रबंधन के लिए अलग से धनराशि आवंटित की जा सकती है ताकि अपात्र व्यक्तियों को इस योजना का दुरुपयोग करने से रोका जा सके।
कृषि क्षेत्र के लिए सरकार का रोडमैप
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बजट में न केवल नकद सहायता बल्कि कृषि अवसंरचना पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पीएम किसान योजना के लिए बढ़ा हुआ बजट ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह में वृद्धि का सीधा संकेत है, जिससे ग्रामीण बाजारों को बढ़ावा मिलेगा।

पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त की तिथि
पीएम किसान योजना की किस्त की तिथि
सरकार का लक्ष्य किसानों को साहूकारों के ऋण जाल से मुक्त करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। बजट में पीएम किसान योजना के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कुछ रणनीतिक प्रोत्साहन योजनाएं भी शामिल हो सकती हैं। इस कदम से न केवल मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरेगा बल्कि किसानों की लागत में भी काफी कमी आएगी।

ई-केवाईसी और सत्यापन

किसानों को अपनी अगली किस्त और बजट लाभ सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए। सरकार ने अब ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। किसानों को पीएम किसान पोर्टल पर अपनी स्थिति की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका बैंक खाता आधार से सुरक्षित रूप से जुड़ा हुआ है और डीबीटी सक्रिय है। नाम की वर्तनी या खाता संख्या में किसी भी महत्वपूर्ण त्रुटि को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए; अन्यथा, बजट निधि स्वीकृत होने के बावजूद, आपकी किस्त रोकी जा सकती है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *