मानसून के आगमन और उच्च आर्द्रता के कारण बढ़ती नमी जैसी चुनौतीपूर्ण मौसम स्थितियों के चलते, तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव और मौसम के मिजाज में बदलाव के चलते कई ट्रेनों में देरी होगी और परिणामस्वरूप यात्रियों को भी परेशानी होगी।
इतिहास में देखा गया है कि पिछले कुछ हफ्तों में ट्रेनों में देरी बढ़ गई है। हालांकि, हाल के घटनाक्रमों के कारण, कई ट्रेन संचालक न केवल ट्रेनों के प्रस्थान में देरी कर रहे हैं, बल्कि यात्रियों के आगमन में भी देरी कर रहे हैं। सौभाग्य से, कई यात्रियों के लिए ट्रेन संचालक अभी भी सेवाएं निर्धारित समय पर चला रहे हैं ताकि अधिकांश लोगों के लिए यात्रा के कई विकल्प उपलब्ध रहें।
वर्तमान में, भारत में आधे से अधिक ट्रेन ऑपरेटरों को कम से कम 4 से 12 घंटे की देरी का सामना करना पड़ रहा है। कई ट्रेनें या तो अपने निर्धारित समय से कम से कम 4 घंटे देरी से चल रही हैं, या अपने गंतव्य पर देर से पहुँच रही हैं। इसके अलावा, समारोह, परीक्षा या सेमिनार जैसे कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों की योजनाएँ बाधित हो रही हैं क्योंकि ट्रेन में 6 घंटे से अधिक की देरी होने पर उनके लिए अपने गंतव्य तक पहुँचना असंभव हो जाता है।
यदि आपकी ट्रेन कम से कम 5-6 घंटे देरी से पहुँचती है, तो संभावना है कि आप समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुँच पाएँगे। तो, ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए?
यहाँ कुछ विकल्प दिए गए हैं जो आपको अपने टिकट का पूरा पैसा वापस पाने में मदद कर सकते हैं: जब भी आपकी ट्रेन सेवा में देरी होती है, तो उनके पास कुछ नियम होते हैं जो आपको अपने टिकट का पूरा रिफंड प्राप्त करने में मदद करते हैं। आइए देखते हैं कि रिफंड की प्रक्रिया कैसे होती है, ताकि आपको अपना पैसा जल्द से जल्द वापस मिल सके और आपको यह भी पता हो कि रिफंड प्राप्त करने के लिए आप अपने स्थानीय रेलवे अधिकारियों से कैसे संपर्क कर सकते हैं।
रिफंड पाने के लिए ट्रेन कितने समय तक चलती है?
रेलवे नियमों के अनुसार, यदि आपकी ट्रेन निर्धारित समय से 3 घंटे (180 मिनट) या उससे अधिक विलंबित होती है, तो आपको पूर्ण धनवापसी प्राप्त करने का अधिकार है। इस स्थिति में, यदि आपने ट्रेन छोड़ दी है, यानी यदि आप उस ट्रेन में यात्रा नहीं करते हैं, तो आपको पूर्ण धनवापसी मिलेगी।
इस स्थिति में आपको अपने टिकट का 100% धनवापसी प्राप्त होगा।
ट्रेन आपके बोर्डिंग स्टेशन पर 3 घंटे या उससे अधिक विलंबित पहुँचती है।
आपने उस ट्रेन में यात्रा नहीं की।
ट्रेन में विलंब होने से पहले आपने टिकट जमा रसीद (TDR) जमा कर दी थी।
यह नियम ऑनलाइन या काउंटर से बुक किए गए तीनों प्रकार के टिकटों पर लागू होता है: सामान्य टिकट, तत्काल टिकट और प्रीमियम तत्काल टिकट।
आपको धनवापसी कब नहीं मिलेगी?
अगर आप ट्रेन में चढ़ जाते हैं, चाहे वह बहुत देर से ही क्यों न हो, तो इस स्थिति में आपको रिफंड नहीं मिलेगा।
अगर आप समय पर टीडीआर फाइल नहीं करते हैं।
अगर आपकी ट्रेन 3 घंटे से कम लेट है।
ऑनलाइन ई-टिकट (IRCTC) पर रिफंड कैसे प्राप्त करें?
अगर आपने अपना टिकट ऑनलाइन (IRCTC) बुक किया है, तो इन चरणों का पालन करें:
चरण 1: IRCTC वेबसाइट/ऐप खोलें।
चरण 2: ‘मेरी बुकिंग’ पर जाएं।
चरण 3: संबंधित टिकट चुनें।
चरण 4: ‘टीडीआर फाइल करें’ पर क्लिक करें।
चरण 5: कारण चुनें – ‘ट्रेन 3 घंटे से अधिक विलंबित’
चरण 6: सबमिट करें।
ध्यान रखें, अधिकांश ट्रेनों के लिए ट्रेन के प्रस्थान से पहले या चार्ट जारी होने से पहले आपको टीडीआर (ट्रेन विलंब शुल्क) दर्ज करना होगा।
प्रीपेड टिकट (पीआरएस) होने पर रिफंड कैसे प्राप्त करें?
यदि टिकट रेलवे काउंटर से खरीदा गया है:
ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से पहले उसी स्टेशन पर स्थित पीआरएस काउंटर पर जाएं।
वहां अपना टिकट जमा करें और बुकिंग क्लर्क को कारण बताएं।
यदि ट्रेन 3 घंटे से अधिक विलंबित है, तो पूरी राशि नकद या खाते में वापस कर दी जाएगी।
रिफंड कितने दिनों के भीतर किया जाएगा?
टीडीआर फाइल करने के बाद, रिफंड आमतौर पर 5 से 7 कार्य दिवसों के भीतर मिल जाता है। रिफंड उसी भुगतान विधि से किया जाता है जिससे टिकट बुक किया गया था। इसका मतलब है कि अगर आपने ऑनलाइन भुगतान किया था, तो पैसा उसी खाते में जमा होगा जिससे भुगतान किया गया था। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि रेलवे ट्रेन के गंतव्य पर पहुंचने के समय के आधार पर नहीं, बल्कि बोर्डिंग स्टेशन से देरी के आधार पर रिफंड करता है।