कृषि उपज मंडी में इन दिनों सोयाबीन की बंपर आवक हो रही है। मंडी रोजाना 8 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिक्री हो रही है। 24 अक्टूबर से शुरू हुए भावांतर भुगतान योजना के बाद से से किसानों ने तेजी से बिक्री शुरू कर दी है। अब तक करीब 6 लाख क्विंटल सोयाबीन किसान बेच चुके हैं। भावांतर योजना के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया है। यह उन किसानों के लिए है, जिन्होंने सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है।
सोयाबीन के भाव में फिर तेजी आई है। प्लांट सोयाबीन 4500 रुपए और बीज सोयाबीन 5500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। दो दिन पहले इसमें 100 रुपए की गिरावट आई थी, लेकिन इसके बाद 50 से 100 रुपए की तेजी फिर से दर्ज की गई। सोमवार को खुलने वाली मंडी में भाव की स्थिति और साफ हो जाएगी।
विदेशों में तेल के भाव ऊंचे होने से फिलहाल सोयाबीन के दाम में गिरावट की संभावना नहीं है। उज्जैन मंडी में प्लांट सोयाबीन की एकतरफा खरीदी से भाव ऊंचे बने हुए हैं। व्यापारियों ने आगामी तेजी की उम्मीद में स्टॉक खरीदी फिर से शुरू कर दी है। दो-तीन व्यापारी कमीशन पर खरीदी कर खुद के गोदाम में सोयाबीन डंप कर रहे हैं। वे इसे अपना बताकर नई पार्टियों को भी व्यापार में जोड़ रहे हैं।
मंडी कारोबारी अमर अग्रवाल ने बताया कि सीजन में कई व्यापारी इस व्यापार में एंट्री करते हैं, जिससे व्यापार बढ़ता है। मंडी में लाइसेंस लेने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। बीज का कारोबार करने वाले अब सतर्क हो गए हैं। खरीदी पर ऑनलाइन नजर रखी जा रही है। अब खरीदा गया सोयाबीन ग्रेडिंग का डायरेक्टर टैग वाला बैग बनाना मुश्किल हो गया है। इस बार भी बीज का व्यापार कमजोर रहा है। संबंधित विभाग इस पर सख्त कार्रवाई कर सकता है।