उद्योगिनी योजना: आजकल कई महिलाएं अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, लेकिन धन की कमी अक्सर उन्हें इसमें बाधा बनती है। इसी को देखते हुए, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए देश भर में कई योजनाएँ चल रही हैं। ऐसी ही एक योजना है उद्योगिनी योजना। यह कोई नई योजना नहीं है; केंद्र और कई राज्य सरकारें मिलकर इसे काफी समय से लागू कर रही हैं। इसका उद्देश्य व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को बिना गारंटी के आसान ऋण उपलब्ध कराना है।
उद्योगिनी योजना क्या है?
उद्योगिनी योजना सबसे पहले कर्नाटक सरकार द्वारा शुरू की गई थी, लेकिन आज कई राज्यों और केंद्र सरकार के सहयोग से, यह देश भर की महिलाओं को लाभान्वित कर रही है। इस योजना के तहत, महिलाओं को 1 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक का बिना किसी गारंटी के ऋण प्रदान किया जाता है। इसका मतलब है कि उन्हें ऋण प्राप्त करने के लिए कोई सुरक्षा या गारंटी नहीं देनी होती है। इस राशि से, महिलाएं आसानी से ब्यूटी पार्लर, बुटीक, सिलाई केंद्र, किराना, डेयरी या कोई अन्य छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
कितना ऋण उपलब्ध है?
इस योजना के तहत ऋण केवल व्यवसाय शुरू करने या उसका विस्तार करने के लिए उपलब्ध हैं। आपकी व्यावसायिक योजना और बैंक की मंज़ूरी के आधार पर, राशि 1 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक होती है।
पात्रता क्या है?
उद्योगिनी योजना के लिए आवेदन करने हेतु कुछ बुनियादी आवश्यकताएँ हैं:
18 से 55 वर्ष की आयु की महिलाएँ आवेदन कर सकती हैं।
महिला ने पहले किसी भी ऋण का भुगतान नहीं किया हो।
परिवार की वार्षिक आय 1.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
विधवाओं या विकलांग महिलाओं के मामले में, आय सीमा लागू नहीं होती है, अर्थात वे सीधे आवेदन कर सकती हैं।
आवेदन करने के लिए इन दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:
आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार का फोटो, आय प्रमाण पत्र, परियोजना रिपोर्ट/व्यवसाय योजना, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), अनुभव या प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि कोई हो)।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन करना बेहद आसान है। आप किसी भी नज़दीकी बैंक में जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, सरकार के myscheme.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन भी उपलब्ध है। पहले यह योजना केवल कर्नाटक की महिलाओं तक ही सीमित थी, लेकिन अब देश भर की महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं।