MCX Gold Price: सोने के भाव रोज़ाना बदल रहे हैं। सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है, कभी बढ़ता है तो कभी घटता है। इस हफ़्ते देश भर के बाज़ारों में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव गिरकर ₹1,25,733 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जबकि चांदी की कीमतें बढ़कर ₹1,63,341 प्रति किलोग्राम हो गई हैं। शुक्रवार, 28 नवंबर को भारतीय वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ी से उछाल आया। सोने की बढ़ती हाजिर मांग और दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदों के कारण यह उछाल आया। MCX गोल्ड दिसंबर वायदा फिलहाल 0.39% बढ़कर ₹1,25,999 प्रति 10 ग्राम पर है। MCX सिल्वर दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.85% बढ़कर ₹1,63,849 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है।
शादियों के मौसम के चलते घरेलू सोने की मांग में तेज़ी आ रही है। शादियों के दौरान सोने और चांदी की मांग भी काफ़ी बढ़ जाती है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती और डॉलर के कमजोर होने की उम्मीदें पिछले कुछ दिनों में सोने के वायदा मूल्यों में तेजी लाने वाले प्रमुख कारक रहे हैं।
हालांकि, रूस-यूक्रेन मोर्चे पर खबरों के कारण मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों में कुछ उतार-चढ़ाव भी देखा गया है।
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का कारण क्या है?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता ने सोने पर दबाव डाला है और इसकी कीमत 4,158 डॉलर प्रति औंस तक गिर गई है।
इसके अलावा, आगामी फेडरल रिजर्व बैठक में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ रही हैं। जब ब्याज दरें गिरती हैं, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिससे
निवेशक सोने और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की ओर रुख करते हैं।
चांदी की मजबूत चाल
सोने के विपरीत, चांदी की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो रही है। 28 नवंबर को चांदी की कीमत बढ़कर ₹1,73,100 प्रति किलोग्राम हो गई। इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर पैनल और चिकित्सा उपकरणों सहित सभी उद्योगों में चांदी का उपयोग काफी बढ़ गया है। परिणामस्वरूप, चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। अगर फेडरल रिजर्व वास्तव में दरों में कटौती करता है, तो सोने में फिर से तेज वृद्धि देखी जा सकती है। इस बीच, चांदी वर्तमान में प्रभावशाली रिटर्न दे रही है, और निकट भविष्य में मांग और बढ़ सकती है। इसलिए, लंबी अवधि के निवेशक दोनों धातुओं पर रणनीति बनाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।