नई दिल्ली: कर्नाटक में इन दिनों सियासी पारा लगातार चढ़ रहा है, जिससे तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस कर्नाटक का मुख्यमंत्री बदल सकती है। सीधे शब्दों में कहें तो सिद्धारमैया की जगह कोई और उम्मीदवार आ सकता है। उन्हें हटाए जाने की चर्चाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
कर्नाटक कांग्रेस के भीतर बढ़ता टकराव अब चरम पर पहुँच गया है। क्या कर्नाटक के मुख्यमंत्री को बदला जाएगा, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि वह जल्द ही इस मुद्दे को सुलझा लेंगे। कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अटकलें जारी हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक अहम बयान दिया।
एक समाचार चैनल से बात करते हुए, कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष खड़गे ने आज दोपहर कहा कि सोनिया (गांधी), राहुल गांधी और मैं इस मुद्दे को सुलझा लेंगे। उन्होंने आगे कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत यानी 1 दिसंबर तक इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।
अगले 48 घंटों में खड़गे और राहुल गांधी के बीच एक बैठक होगी। इसके बाद, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को शुक्रवार को दिल्ली बुलाया जा सकता है। इससे मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा विवाद सुलझ जाएगा।
कर्नाटक कांग्रेस में गुटबाजी की खबरें
गौरतलब है कि कर्नाटक उन तीन राज्यों में से एक है जहाँ कांग्रेस पूर्ण रूप से सत्ता में है और जहाँ दो साल में चुनाव होने हैं। कर्नाटक इकाई के भीतर गुटबाजी साफ़ दिखाई दे रही है। विधायकों का एक समूह जहाँ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का पुरज़ोर समर्थन करता है, वहीं दूसरा समूह डीके शिवकुमार को उनकी कड़ी मेहनत के “इनाम” के रूप में पदभार संभालने पर ज़ोर दे रहा है।
डीके शिवकुमार ने स्पष्ट रूप से कहा था कि 2023 में कांग्रेस की आश्चर्यजनक चुनावी जीत के बाद, उन्हें कथित तौर पर कहा गया था कि वह सिद्धारमैया के साथ मुख्यमंत्री के कर्तव्यों को साझा करेंगे, यानी दोनों ढाई साल तक इस पद पर रहेंगे।