SIP Investment Plan: अगर आप अपनी बेटी के भविष्य के लिए एक बड़ा और सुरक्षित फंड बनाना चाहते हैं, तो SIP Investment Plan (Systematic Investment Plan) से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। यह योजना कम्पाउंडिंग (Compounding) की ताकत का उपयोग करती है, जिससे आपका पैसा तेज़ी से बढ़ता है।
यहाँ देखें एक सरल गणित: सिर्फ ₹5,000 महीने की SIP से आप 21 साल में ₹76 लाख 95 हजार 443 रुपये का फंड बना सकते हैं। यह पैसा आपकी बेटी की उच्च शिक्षा (Higher Education), शादी या उसके किसी भी सपने को पूरा करने के लिए काफी होगा।
SIP से ₹76 लाख कैसे बनेंगे – पूरी गणना देखें
यह गणना 15% के अपेक्षित रिटर्न दर (Expected Return Rate) पर आधारित है, जो कि भारतीय इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबी अवधि में मिलना संभव होता है।
| विवरण | राशि (₹) |
|---|---|
| मासिक SIP | ₹5,000 |
| अवधि (Years) | 21 साल |
| अपेक्षित रिटर्न दर | 15% |
| कुल निवेशित राशि (₹5000 x 12 महीने x 21 साल) | ₹12,60,000 |
| कुल रिटर्न (कम्पाउंडिंग के साथ) | ₹64,35,443 |
| परिपक्वता पर कुल मूल्य (Total Value) | ₹76,95,443 |
- निष्कर्ष: आपने सिर्फ ₹12.6 लाख रुपये जमा किए और ₹64.35 लाख रुपये आपको केवल रिटर्न के रूप में मिले। यही SIP और कम्पाउंडिंग की असली ताकत है।
SIP में 15% रिटर्न कैसे संभव है?
आप सोच रहे होंगे कि 15% रिटर्न कैसे संभव है। ध्यान दें, यह एवरेज रिटर्न है जो इक्विटी म्यूचुअल फंड्स लंबे समय में देते हैं।
- ऐतिहासिक प्रदर्शन: पिछले 20-25 सालों में भारत के स्टॉक मार्केट ने औसतन 12% से 15% का रिटर्न दिया है।
- लंबी अवधि का लाभ: जब आप 21 साल जैसी लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं, तो बाज़ार के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव का असर कम हो जाता है और एवरेज रिटर्न अच्छा रहता है।
- धैर्य रखें: हर साल 15% रिटर्न नहीं मिलेगा—कभी यह 20% हो सकता है तो कभी 8% भी। लेकिन लॉन्ग टर्म में एवरेज 12-15% बन जाता है। इसलिए SIP में धैर्य रखना और बीच में पैसा न निकालना बहुत जरूरी है।
जितनी जल्दी आप SIP शुरू करेंगे, कम्पाउंडिंग की ताकत से उतना ज्यादा फायदा होगा।
बेटी के लिए कौन सी Mutual Fund चुनें?
बेटी के नाम पर 21 साल जैसी लंबी अवधि के SIP के लिए आपको इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना चाहिए।
- Large Cap Funds: ये फंड्स बड़ी और स्थापित कंपनियों में निवेश करते हैं। ये थोड़े सुरक्षित होते हैं और स्थिर रिटर्न देते हैं।
- Multi Cap Funds / Flexi Cap Funds: ये फंड्स बड़ी, मध्यम और छोटी सभी तरह की कंपनियों में निवेश करते हैं। इनमें ग्रोथ की संभावना ज्यादा होती है।
- Index Funds: जैसे Nifty 50 या Sensex Index Funds। ये कम जोखिम के साथ बाज़ार का औसत रिटर्न देते हैं।
सलाह: आप चाहें तो 2-3 अलग-अलग फंड्स में अपनी SIP की रकम को बाँट सकते हैं। Mutual Fund चुनने से पहले उसका Past Performance, Fund Manager, Expense Ratio और Rating जरूर देखें।
SIP कैसे शुरू करें और ध्यान रखने योग्य बातें
SIP शुरू करना अब बहुत आसान है और इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से किया जा सकता है:
शुरुआत की प्रक्रिया
- KYC पूरा करें: इसके लिए आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड और कैंसल्ड चेक की ज़रूरत होगी।
- माइनर अकाउंट: अपनी बेटी का माइनर अकाउंट खोलें, जिसमें आप गार्जियन (Guardian) होंगे।
- प्लेटफॉर्म चुनें: आप Groww, Zerodha Coin, या किसी बैंक के प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।
- ऑटो डेबिट: SIP राशि, तारीख और फंड चुनें, और ऑटो डेबिट (Auto Debit) लगाएँ ताकि हर महीने अपने आप पैसा कट जाए।
ज़रूरी बातें
- लम्बा समय: SIP को लंबे समय तक चालू रखना बहुत जरूरी है। बीच में बंद करने से कम्पाउंडिंग का फायदा कम हो जाएगा।
- बाज़ार में गिरावट: बाज़ार गिरने पर घबराएँ नहीं। यह SIP का सबसे अच्छा समय होता है, क्योंकि आपको सस्ते में ज्यादा Units मिलती हैं।