देशभर के लगभग 49 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनभोगी बेसब्री से 8वें वेतन आयोग की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। इस आयोग से न केवल वेतन वृद्धि की उम्मीद है, बल्कि पेंशन प्रणाली से जुड़े एक दशक पुराने विवाद को खत्म करने की भी आशा जगी है।
कर्मचारी संगठन लंबे समय से पेंशन कम्यूटेशन (Pension Commutation) की अवधि को 15 साल से घटाकर 12 साल करने की मांग कर रहे हैं। यदि 8वां वेतन आयोग इस मांग को स्वीकार कर लेता है, तो लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
पेंशन कम्यूटेशन अवधि 15 साल से 12 साल करने की मांग
पेंशन कम्यूटेशन वह प्रक्रिया है जिसमें सेवानिवृत्ति के समय पेंशन की एक अग्रिम राशि एकमुश्त ले ली जाती है, और फिर इस राशि की भरपाई के लिए एक निश्चित अवधि तक मासिक पेंशन से कटौती की जाती है।
- कर्मचारियों का तर्क: कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार सेवानिवृत्ति पर दी गई अग्रिम राशि की भरपाई अधिकतम 10 से 11 साल में ही कर लेती है। इसके बावजूद, अतिरिक्त 4-5 साल तक पेंशन काटी जाती है, जो न्यायसंगत नहीं है।
- सुप्रीम कोर्ट का मत: सुप्रीम कोर्ट ने भी इस सिद्धांत को सही माना है, लेकिन अंतिम नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार सरकार पर छोड़ दिया है।
- 8वें आयोग से उम्मीद: 8वें वेतन आयोग से यह उम्मीद जताई जा रही है कि वह इस मांग को स्वीकार कर सकता है, जिससे लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों का दशकों से जारी संघर्ष समाप्त हो जाएगा।
‘यूनिफाइड पेंशन स्कीम 2025’ और पुरानी पेंशन प्रणाली
कर्मचारी यूनियनों द्वारा पुरानी पेंशन प्रणाली (OPS) को बहाल करने के लिए सरकार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसी के संदर्भ में:
- पुरानी पेंशन प्रणाली (OPS) का लाभ: OPS के तहत, सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद अपने अंतिम वेतनमान का 50% पैसा पेंशन के रूप में प्राप्त करते थे। यह राशि राज्य कोष (State Exchequer) द्वारा दी जाती थी और बाजार के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ता था।
- नई योजना की चर्चा: वर्तमान दबाव को देखते हुए, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार द्वारा ‘यूनिफाइड पेंशन स्कीम 2025’ लॉन्च करने पर विचार किया जा रहा है। इस नई प्रणाली के तहत सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक नए ढांचे के अंतर्गत पेंशन की राशि दी जाएगी।
7वें वेतन आयोग से मिली सीख और प्रमुख बदलाव
8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले, 7वें वेतन आयोग के अनुभव को ध्यान में रखा जाएगा:
| विवरण | 7वें वेतन आयोग का प्रावधान (जनवरी 2016 से लागू) |
| फिटमेंट फैक्टर | 2.57 गुना निर्धारित किया गया था। |
| वेतन वृद्धि | औसतन 23.55 प्रतिशत की वेतन वृद्धि हुई थी। |
| भत्तों का सरलीकरण | 196 भत्तों की समीक्षा की गई, जिसमें 52 भत्तों को समाप्त कर दिया गया और 36 भत्तों को अन्य भत्तों में मिला दिया गया। |
इस प्रक्रिया ने वेतन संरचना को अधिक पारदर्शी बनाया और प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार किया।
निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन की आवश्यकता वर्तमान महंगाई के दौर में और भी अधिक हो जाती है। पेंशन कम्यूटेशन अवधि को कम करने की मांग और नई पेंशन प्रणाली की चर्चा, दोनों ही कर्मचारियों के लिए भविष्य की वित्तीय सुरक्षा और स्थिरता का आधार बन सकती हैं।