इस साल, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में कुल 1.00 प्रतिशत की कटौती की है। इस फैसले का सीधा असर सभी सरकारी और निजी बैंकों पर पड़ा है, जिसके चलते ज़्यादातर बैंकों ने अपनी सावधि जमा (FD) की ब्याज दरें कम कर दी हैं। इसके बावजूद, FD निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय और स्थिर निवेश विकल्प बना हुआ है। नए वित्तीय माहौल में, डाकघर की सावधि जमा योजना ने 5 साल की अवधि पर सबसे ज़्यादा ब्याज दर हासिल करते हुए देश के कई प्रमुख बैंकों को पीछे छोड़ दिया है।
डाकघर
डाकघर की 5 वर्षीय सावधि जमा पर वर्तमान में 7.5 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर मिल रही है। यह दर किसी भी प्रमुख सार्वजनिक या निजी बैंक से अधिक है। डाकघर का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह सभी आयु वर्ग के ग्राहकों को समान ब्याज दर प्रदान करता है, जिससे वरिष्ठ और सामान्य निवेशकों, दोनों को समान सुरक्षा और प्रतिफल प्राप्त होता है। अपनी स्थिर आय और सरकारी गारंटी के कारण, यह योजना मध्यम और दीर्घकालिक निवेशकों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है।
एसबीआई
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सामान्य ग्राहकों को 5 वर्षीय सावधि जमा पर 6.05 प्रतिशत ब्याज देता है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 7.05 प्रतिशत तक जाती है। हालाँकि, यह ब्याज दर डाकघर द्वारा दी जाने वाली 7.5 प्रतिशत की दर से अभी भी कम है। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की यह ब्याज दर संरचना दर्शाती है कि बैंकिंग क्षेत्र में ब्याज दरें लगातार दबाव में हैं।
एचडीएफसी बैंक
मार्केट कैप के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक, अपने ग्राहकों को 5 साल की एफडी पर 6.40 प्रतिशत से 6.90 प्रतिशत तक की ब्याज दरें प्रदान करता है। सामान्य ग्राहक 6.40 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिक 6.90 प्रतिशत ब्याज दर प्राप्त कर सकते हैं। इससे साफ़ ज़ाहिर है कि निजी क्षेत्र के बैंक भी डाकघर की ब्याज दरों की बराबरी नहीं कर पा रहे हैं।
पीएनबी
पंजाब नेशनल बैंक सामान्य ग्राहकों के लिए 5 साल की एफडी पर 6.25 प्रतिशत ब्याज दर प्रदान करता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 6.75 प्रतिशत और 80 वर्ष से अधिक आयु के ग्राहकों के लिए 7.05 प्रतिशत तक है। हालाँकि ये दरें आकर्षक हैं, फिर भी ये डाकघरों की तुलना में कम हैं। यही कारण है कि सुरक्षित 5 साल की निवेश योजना की तलाश करने वालों के लिए डाकघर तेजी से पसंदीदा विकल्प बनते जा रहे हैं।