केंद्र सरकार ने हाल ही में केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 के तहत पेंशन और ग्रेच्युटी लाभों पर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किए हैं। जानें कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति के बाद 10 वर्ष की सेवा पूरी होने पर और 10 वर्ष से कम सेवा अवधि के लिए पेंशन, ग्रेच्युटी और सेवा लाभों की गणना कैसे बदलेगी और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति क्यों महत्वपूर्ण होगी—यह विस्तृत जानकारी आपकी सेवानिवृत्ति सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 के नियम 44 के तहत जारी इस कार्यालय ज्ञापन में, सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्राप्त करने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पेंशन और ग्रेच्युटी लाभों को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को मिलने वाले सभी लाभ उनकी कुल सेवा अवधि और सक्षम प्राधिकारी की अंतिम स्वीकृति पर निर्भर करेंगे।
10 वर्ष की सेवा पूरी करने पर क्या मिलेगा
सरकारी निर्देशों के अनुसार, यदि कोई सरकारी कर्मचारी 10 वर्ष की योग्य सेवा पूरी करने के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेता है, तो वह अनिवार्य सेवानिवृत्ति पेंशन का हकदार होगा।
यह पेंशन, सेवानिवृत्ति पेंशन का एक हिस्सा होगी। इसका अंतिम प्रतिशत सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित किया जाएगा। इसका स्पष्ट अर्थ है कि अंतिम पेंशन राशि सेवा की अवधि और प्राधिकारी की स्वीकृति, दोनों के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
10 वर्ष से कम सेवा के लिए ग्रेच्युटी नियम
जो कर्मचारी 10 वर्ष की सेवा पूरी करने से पहले अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त हो जाते हैं, उन्हें पेंशन के बजाय सेवा ग्रेच्युटी दी जाएगी।
यह ग्रेच्युटी भी सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी का एक निश्चित प्रतिशत होगी और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद ही जारी की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही मामलों में, अंतिम अधिकार संबंधित प्राधिकारी के पास ही रहेगा।
मंत्रालयों को सख्त निर्देश
सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि इन महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी हर कर्मचारी तक पहुँचे ताकि किसी भी तरह की भ्रांति न हो। कर्मचारियों को यह समझना चाहिए कि दस साल की सेवा पूरी करने से पहले और बाद में मिलने वाले लाभों में काफी अंतर होता है। दस साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे अपने सेवानिवृत्ति लाभों को समझने के लिए पेंशन अधिकारियों से पहले ही सलाह ले लें।
सरकार का मानना है कि इस अपडेट से कर्मचारियों को अपनी वित्तीय योजना और सेवानिवृत्ति सुरक्षा को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। यह स्पष्टता अनिवार्य सेवानिवृत्ति की स्थिति में पेंशन और ग्रेच्युटी से जुड़ी किसी भी गलतफहमी को दूर करेगी।