किसान योजना: किसानों के लिए अच्छी खबर। बिहार चुनाव के नतीजे जैसे-जैसे स्पष्ट हो रहे हैं, किसानों में उम्मीद की किरण जगी है। शुरुआती रुझानों में एनडीए बढ़त बनाए हुए है और भाजपा को 90 से ज़्यादा सीटें मिलने का अनुमान है। इस माहौल ने किसानों में नई उम्मीद जगाई है। अगर बिहार में एनडीए की दोबारा सरकार बनती है, तो किसानों की आय बढ़ सकती है। अभी पीएम किसान योजना के तहत किसानों को 6,000 रुपये मिलते हैं। बिहार में एनडीए की सरकार बनते ही यह राशि 6,000 रुपये से बढ़कर 9,000 रुपये हो सकती है।
इस संभावना से किसानों को राहत मिली है, क्योंकि इससे उनकी सालाना आय में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होगी। पीएम किसान योजना के तहत, केंद्र सरकार किसानों को साल में तीन बार 2,000 रुपये भेजती है, यानी कुल 6,000 रुपये। यह पैसा सीधे बैंक खातों में जमा होता है। अब सवाल यह है कि बिहार के किसानों के लिए यह राशि कैसे बढ़ाई जाएगी। बता दें, चुनाव प्रचार के दौरान एनडीए ने अपने घोषणापत्र में साफ तौर पर कहा था कि किसानों को मौजूदा 6,000 रुपये के अलावा 3,000 रुपये और मिलेंगे। इसका मतलब है कि कुल 9,000 रुपये का वार्षिक लाभ।
अगर ऐसा होता है, तो किसानों को हर किस्त में 1,000 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं। एनडीए के घोषणापत्र में इस बढ़ी हुई राशि को कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि नाम दिया गया है। इसके तहत, राज्य सरकार केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली तीन किस्तों में 1,000 रुपये जोड़कर देगी। यानी हर किस्त 2,000 रुपये नहीं, बल्कि 3,000 रुपये की होगी। यह राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जाएगी। बिहार में लगभग 73 लाख किसान पीएम किसान योजना में नामांकित हैं। अगर यह वादा पूरा होता है, तो इन किसानों को सीधा लाभ होगा।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किसानों को अतिरिक्त 3,000 रुपये प्राप्त करने के लिए अलग से आवेदन करना होगा या नहीं। हो सकता है कि पहले से लाभ प्राप्त कर रहे किसान स्वतः ही इस योजना में शामिल हो जाएँ। हालाँकि, स्थिति सरकार बनने के बाद ही स्पष्ट होगी।