आधार और mAadhaar में से कौन सा ऐप है बेहतर? विस्तार से जानें

Saroj kanwar
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने हाल ही में अपना नया आधार ऐप लॉन्च किया है, जो एंड्रॉइड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इस ऐप का उद्देश्य देश में पहचान संबंधी सेवाओं को पूरी तरह से कागज़ रहित और डिजिटल बनाना है। अब, उपयोगकर्ता अपने मोबाइल फोन से ही आधार से जुड़ी कई सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। नया ऐप पुराने mAadhaar की तुलना में ज़्यादा सुरक्षित, आधुनिक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बताया जा रहा है।
mAadhaar और नए आधार ऐप में क्या अंतर है?

UIDAI के नए ऐप के लॉन्च होने के बाद, लोग mAadhaar और नए आधार ऐप के बीच अंतर को लेकर असमंजस में थे। कई लोग समझ नहीं पा रहे थे कि कौन सा ऐप इस्तेमाल करें। UIDAI ने स्पष्ट किया है कि नया आधार ऐप mAadhaar का विकल्प नहीं है, बल्कि एक अलग उद्देश्य पूरा करता है।

mAadhaar ऐप, UIDAI का पहला मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म था, जिसे आधार कार्ड से जुड़ी बुनियादी सेवाएँ प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह ऐप उपयोगकर्ताओं को ई-आधार डाउनलोड करने, वर्चुअल आईडी बनाने, PVC कार्ड ऑर्डर करने और अपने मोबाइल नंबर या ईमेल को सत्यापित करने की सुविधा देता है। इसका इंटरफ़ेस सरल है और सुविधाएँ एक ही स्क्रीन पर आसानी से उपलब्ध हैं।

नए आधार ऐप की विशेषताएँ
यूआईडीएआई का नया आधार ऐप अत्याधुनिक तकनीक के साथ लॉन्च किया गया एक उन्नत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल आईडी को सुरक्षित रूप से संग्रहीत और साझा करने का एक सुविधाजनक तरीका प्रदान करना है। उपयोगकर्ता अपने परिवार के अधिकतम पाँच सदस्यों के आधार प्रोफ़ाइल को एक ही मोबाइल नंबर से लिंक कर सकते हैं।

नए ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन लॉगिन की सुविधा है, जो सुरक्षा का एक नया स्तर प्रदान करता है। इसमें बायोमेट्रिक लॉकिंग और क्यूआर कोड शेयरिंग जैसी सुविधाएँ भी शामिल हैं। उपयोगकर्ता चुन सकते हैं कि वे कौन सी जानकारी साझा करना चाहते हैं, जैसे कि उनका नाम या पता। यह ऐप फेस आईडी तकनीक पर आधारित है, जिससे केवल फेस स्कैन का उपयोग करके आधार सत्यापन किया जा सकता है।

नए आधार ऐप से कौन से कार्य नहीं किए जा सकते?

हालाँकि नया आधार ऐप उन्नत सुविधाओं से लैस है, लेकिन इसकी कुछ सीमाएँ भी हैं। उपयोगकर्ता अपने आधार विवरण अपडेट नहीं कर सकते हैं, न ही भौतिक कार्ड ऑर्डर करने का विकल्प है। यूआईडीएआई का कहना है कि नया आधार ऐप मुख्य रूप से डिजिटल आईडी प्रबंधन के लिए विकसित किया गया है, जबकि एमआधार ऐप आधार सेवाओं तक मोबाइल पहुँच का माध्यम बना रहेगा।

कौन ज़्यादा स्मार्ट है: mAadhaar या नया आधार ऐप?

दोनों ही UIDAI ऐप आधिकारिक और विश्वसनीय हैं, लेकिन नया आधार ऐप सुविधाओं और सुरक्षा के मामले में ज़्यादा उन्नत है। पुराने mAadhaar ऐप में उपयोगकर्ताओं को 4 अंकों के पिन या OTP से लॉग इन करना पड़ता था, जबकि नए आधार ऐप में उपयोगकर्ता की पहचान सत्यापित करने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का इस्तेमाल होता है।

नया ऐप उपयोगकर्ताओं को केवल ज़रूरी जानकारी, जैसे नाम या पता, साझा करने की अनुमति देता है, जिससे उन्हें अपने डेटा पर पूरा नियंत्रण मिलता है। यह सुविधा इसे और भी सुरक्षित बनाती है। UIDAI का मानना ​​है कि यह ऐप डिजिटल पहचान को सुरक्षित, आसान और भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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