प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थियों के लिए अभूतपूर्व खुशखबरी। केंद्र सरकार ने एलपीजी गैस सब्सिडी को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर पर ₹300 की अभूतपूर्व सब्सिडी को वित्तीय वर्ष 2025-26 तक जारी रखने की अभूतपूर्व मंजूरी दे दी है।

यह महत्वपूर्ण फैसला बढ़ती महंगाई के बीच लाखों उज्ज्वला लाभार्थियों को सीधी और महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा। जानें कि इस प्रभावशाली सरकारी पहल से कितने सिलेंडर लाभान्वित होंगे और यह फैसला क्यों लिया गया।
₹300 सब्सिडी का विस्तार
उज्ज्वला योजना के तहत ₹300 की प्रत्यक्ष सब्सिडी अब मार्च 2026 तक पूरी तरह से बढ़ा दी जाएगी। यह निर्णय वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के गरीब परिवारों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए लिया गया है। सरकार का अनुमान है कि इस जनहितैषी निर्णय पर लगभग ₹12,000 करोड़ खर्च होंगे, जिससे लाखों गरीब परिवारों को सीधा लाभ होगा।
प्रति वर्ष अधिकतम 9 रिफिल
यह सब्सिडी लाभार्थियों को प्रति वर्ष अधिकतम नौ रिफिल के लिए उपलब्ध होगी। यह सीमित प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि सब्सिडी केवल सबसे ज़रूरतमंद परिवारों तक ही पहुँचे और उसका कुशलतापूर्वक उपयोग किया जाए। पहले, सब्सिडी ₹200 प्रति सिलेंडर थी, लेकिन अब इसे ₹100 बढ़ाकर ₹300 कर दिया गया है, जिससे उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए रसोई गैस काफ़ी सस्ती हो गई है।
प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) मई 2016 में शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं को बिना किसी डाउन पेमेंट के एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना था। 1 जुलाई, 2025 तक, देश भर में लगभग 10.33 करोड़ कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
उज्ज्वला 2.0 की विशेष सुविधाएँ
इस योजना के तहत, लाभार्थियों को सिलेंडर, रेगुलेटर, पाइप, डीजीसीसी मैनुअल या स्थापना शुल्क पर कोई खर्च नहीं करना पड़ता है। उज्ज्वला 2.0 के तहत, पहला रिफिल और चूल्हा भी पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान किया जाता है। ये सभी लागतें सरकार और तेल कंपनियाँ संयुक्त रूप से वहन करती हैं, जिससे गरीब परिवारों को बिना किसी वित्तीय बोझ के रसोई गैस अपनाने में काफी मदद मिलती है। सब्सिडी में यह ऐतिहासिक वृद्धि गरीबों के कल्याण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को पूरी तरह से दर्शाती है।
