सोने की कीमत: मंगलवार को सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। सोने के साथ-साथ आज चांदी की कीमतों में भी उछाल आया। सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। साल दर साल सोने की कीमतों में 50% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अगले महीने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद ने एक बार फिर निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित किया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, मंगलवार को 24 कैरेट सोना ₹1,24,149 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध था। 22 कैरेट सोना ₹1,13,720 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध था। 18 कैरेट सोना ₹93,112 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध था। वहीं, 14 कैरेट सोना ₹72,627 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध था।
तनिष्क में सोने का भाव
तनिष्क 11 नवंबर, 2025 को 22 कैरेट सोना ₹1,16,150 प्रति 10 ग्राम की दर से बेच रहा है। तनिष्क 18 कैरेट सोना ₹95,030 प्रति 10 ग्राम की दर से बेच रहा है। 24 कैरेट सोना ₹1,26,710 प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा है।
जोयालुक्कास में सोने का भाव
जोयालुक्कास में 11 नवंबर, 2025 को 24 कैरेट सोना ₹1,25,840 प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। 22 कैरेट सोना ₹1,15,350 प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। 18 कैरेट सोना ₹94,380 प्रति 10 ग्राम बिक रहा है।
सोने और चाँदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
सोने और चाँदी की कीमतों में वृद्धि के पीछे कई कारक बताए जा रहे हैं:
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिकी ब्याज दरों में कमी की उम्मीदों ने कीमती धातुओं के लिए निवेशकों की माँग को बढ़ा दिया है।
कमज़ोर अमेरिकी डॉलर ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना और चाँदी को सस्ता कर दिया है, जिससे माँग में अचानक वृद्धि हुई है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिरता को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सोने और चाँदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की तलाश करने के लिए प्रेरित किया है।
सोने और चाँदी की कीमतें कैसे तय होती हैं?
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने और चाँदी की कीमतें डॉलर में तय होती हैं, इसलिए रुपये के कमजोर होने से भारत में कीमतें बढ़ जाती हैं।
भारत में अधिकांश सोना आयात किया जाता है, जिससे आयात शुल्क, जीएसटी और स्थानीय करों के कारण कीमतें प्रभावित होती हैं।
भारत में सोना केवल एक निवेश ही नहीं, बल्कि परंपरा से भी जुड़ा है—शादी और त्योहारों के मौसम में सोने और चाँदी की माँग बढ़ जाती है।