उत्तराखंड और दिल्ली के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक रोमांचक खबर है! भारतीय रेलवे काठगोदाम से दिल्ली के लिए एक नई और शानदार वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की तैयारी कर रहा है। यह ट्रेन इज्जतनगर मंडल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस होगी, जो कुमाऊँ और तराई क्षेत्रों के लाखों यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अभूतपूर्व अनुभव प्रदान करेगी। इस बुलेट ट्रेन के शुरू होने से न केवल यात्रा का समय काफी कम होगा, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
काठगोदाम-दिल्ली वंदे भारत
उत्तराखंड में वर्तमान में दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलती हैं—एक देहरादून से दिल्ली और दूसरी देहरादून से लखनऊ। काठगोदाम से चलने वाली यह तीसरी वंदे भारत ट्रेन कुमाऊँ क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। इज्जतनगर मंडल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस होने के नाते, यह वंदे भारत ट्रेन काठगोदाम, हल्द्वानी और रुद्रपुर जैसे प्रमुख शहरों के यात्रियों को सीधे दिल्ली से जोड़ेगी।

इससे कुमाऊँ और तराई क्षेत्रों के यात्रियों को दिल्ली या अन्य प्रमुख शहरों तक पहुँचने में लगने वाले समय और मेहनत में काफी कमी आएगी। यह ट्रेन खासकर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि इससे उत्तराखंड के प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों तक पहुँचना बहुत आसान हो जाएगा।
अधिकतम गति के लिए 90 किलोमीटर का ट्रैक तैयार
रेलवे ने इस नई वंदे भारत एक्सप्रेस की अधिकतम गति और यात्रियों के लिए तेज़ और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढाँचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। काठगोदाम से रामपुर (चमरुआ) तक 90 किलोमीटर का एक समर्पित ट्रैक विकसित किया गया है। पुराने स्लीपरों को आधुनिक, लंबे स्लीपरों से बदल दिया गया है और रेल लाइनों को मज़बूत किया गया है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रैक बाड़ लगाने और आधुनिक मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
यात्रा का समय कम होगा और कनेक्टिविटी बढ़ेगी
इस नई वंदे भारत ट्रेन के शुरू होने से राज्य की रेल कनेक्टिविटी मज़बूत होगी और क्षेत्रीय विकास को काफ़ी बढ़ावा मिलेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रेन को हफ़्ते में छह दिन चलाने की योजना है। वरिष्ठ मंडल अधिकारी संजीव शर्मा ने बताया कि ग्यारह जोड़ी नई ट्रेनों की फ़ाइल बोर्ड को सौंप दी गई है, जिनमें काठगोदाम-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन सबसे ऊपर है।

बोर्ड की मंज़ूरी मिलते ही यात्रियों को इन सेवाओं का तुरंत लाभ मिलेगा। काठगोदाम स्टेशन पर सीमित जगह और एक ही लाइन पर छह से ज़्यादा ट्रेनों के होने के कारण, ट्रेन के रखरखाव का काम दिल्ली स्थानांतरित करने पर विचार किया जा रहा है, जहाँ एक बड़ा यार्ड और मशीनरी उपलब्ध है।
अन्य नई ट्रेनों की भी योजना
काठगोदाम-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन के अलावा, रेलवे ने इस क्षेत्र के लिए कई अन्य नई ट्रेनों की भी योजना बनाई है। नई ट्रेनों की इस सूची में रामनगर से उदयपुर, लालकुआँ से द्वारका, इज्जतनगर से चंडीगढ़ और वैष्णो देवी तक की ट्रेनें शामिल हैं। इस पहल के तहत कुल 22 नई ट्रेनें शुरू की जानी हैं। रेलवे की यह दूरदर्शी पहल न केवल यात्री सुविधाओं को बढ़ाएगी, बल्कि उत्तराखंड के आर्थिक और पर्यटन परिदृश्य में भी क्रांति लाएगी।