वंदे भारत स्लीपर – ट्रेन का शुभारंभ विलंबित, उड़ान जैसा लग्जरी डिजाइन, देखें आधुनिक सुविधाएं

Saroj kanwar
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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: भारत की सबसे हाई-टेक स्लीपर ट्रेन के लॉन्च का यात्रियों को बेसब्री से इंतज़ार है। इस लग्जरी ट्रेन की राह में अब नई रुकावटें खड़ी हो गई हैं। रेल मंत्रालय ने इसके डिज़ाइन, फिनिशिंग और फर्निशिंग में कई खामियाँ बताई हैं, जिससे ट्रेन के लॉन्च की तारीख में और देरी हो सकती है। कुछ ज़रूरी सुधारों के बाद ही यह ट्रेन पटरी पर दौड़ पाएगी। यात्रियों के बीच वंदे भारत ट्रेन की माँग लगातार बढ़ रही है।

भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रहा है और भारत के हर कोने को रेल से जोड़ने पर ज़ोर दे रहा है। भारतीय रेलवे अगले 2-3 सालों में देश भर में 200 वंदे भारत, 100 अमृत भारत और 50 नमो भारत रैपिड ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। यह विस्तार उन इलाकों पर केंद्रित होगा जहाँ रेल पूरी तरह से पहुँच में नहीं है। असम ने भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से रेल विस्तार का अनुरोध किया है। खबर है कि रेलवे असम के लिए नई ट्रेनें शुरू कर सकता है। असम ने चार नई अमृत भारत ट्रेनों की माँग की है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कब शुरू हुई?

पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने हाल ही में अनुसंधान डिज़ाइन एवं मानक संगठन और सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को भेजे एक पत्र में ट्रेन की कारीगरी और साज-सज्जा को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई हैं। मंत्रालय ने कहा है कि बर्थ क्षेत्र में कई जगहों पर नुकीले किनारे हैं, और खिड़की के पर्दे के हैंडल और बर्थ कनेक्टर के बीच पिजन पॉकेट जैसे क्षेत्रों की सफाई मुश्किल हो सकती है।

रेलवे बोर्ड ने कहा है कि मौजूदा ट्रेनों में इन कमियों को तुरंत दूर किया जाना चाहिए और भविष्य की ट्रेनों के डिज़ाइन में सुधार किए जाने चाहिए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि ट्रेन के संचालन से पहले सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

लॉन्च की तारीख को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
रेलवे ने 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर रेक के संचालन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, लेकिन जब तक सभी खामियाँ दूर नहीं हो जातीं, तब तक यह ट्रेन नहीं चलेगी। रेलवे ने आधिकारिक तौर पर लॉन्च की तारीख की घोषणा नहीं की है।

क्या होंगी सुविधाएँ?
इस ट्रेन का प्रत्येक कोच पूरी तरह से वातानुकूलित है, जिसमें चौड़े बंक बेड, आरामदायक सीढ़ियाँ, आधुनिक इंटीरियर और उन्नत सुरक्षा सुविधाएँ हैं। इसमें विकलांग यात्रियों के लिए समर्पित शौचालय, स्वचालित इंटर-कोच दरवाजे, वाई-फाई, यूएसबी चार्जिंग पोर्ट, सेंसर-आधारित लाइटिंग और डिजिटल सूचना पैनल शामिल हैं।

यह ट्रेन भारत की स्वदेशी कवच ​​टक्कर-निवारण प्रणाली से भी लैस होगी। इसका डिज़ाइन मौजूदा वंदे भारत ट्रेनों के समान ही एयरोडायनामिक ईएमयू प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इसकी अधिकतम गति 180 किमी/घंटा और सर्विस स्पीड 160 किमी/घंटा होगी।

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