भारत सरकार ने ओबीसी, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (ईबीसी) और विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जनजातियों (डीएनटी) के मेधावी छात्रों के लिए प्रधानमंत्री यशस्वी छात्रवृत्ति योजना 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में एक मज़बूत आधार प्रदान करने के लिए शुरू की गई यह छात्रवृत्ति योजना पात्र छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
योजना का उद्देश्य और पात्रता
इस छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी समुदायों के उन छात्रों को मुख्यधारा की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमज़ोर हैं। केवल वे छात्र ही इस योजना के लिए आवेदन करने के पात्र हैं जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹2.5 लाख या उससे कम है। इसके अतिरिक्त, इसका लाभ केवल देश भर के चुनिंदा उच्च प्रदर्शन वाले स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को ही मिलेगा, जिन्होंने वर्षों से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 100% परिणाम प्राप्त किए हैं।
9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए वित्तीय सहायता
प्रधानमंत्री यशस्वी छात्रवृत्ति योजना के तहत, कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों को प्रति वर्ष ₹75,000 का अनुदान मिलेगा, जबकि कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को प्रति वर्ष ₹1.5 लाख तक की राशि मिलेगी। इस राशि में स्कूल की फीस और छात्रावास शुल्क शामिल होंगे, जिससे अभिभावकों पर शिक्षा का बोझ काफी कम होगा।
आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि
इच्छुक छात्र राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल, scholarships.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2025 है। छात्रों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन पूरा करना होगा।
क्या होगा
इस योजना के तहत, छात्रों का चयन कंप्यूटर आधारित यशस्वी प्रवेश परीक्षा (YET) के माध्यम से किया जाएगा। यह परीक्षा तीन घंटे की होगी और इसमें कुल 100 प्रश्न होंगे। परीक्षा में गणित से 30, विज्ञान से 20, सामाजिक विज्ञान से 25 और सामान्य अध्ययन से 25 प्रश्न होंगे। चयन पूरी तरह से निष्पक्ष और योग्यता-आधारित होगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल प्रतिभाशाली और योग्य छात्र ही लाभान्वित हों।