Rajasthan News: राजस्थान प्रदेश में बच्चों के दूध पाउडर और मावा शिक्षकों द्वारा निजी फैक्ट्रियों को बेचने की खबर सामने आने के बाद राजस्थान शिक्षा विभाग ने दोषी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बता दें कि प्रदेश में करोड़ों रुपए खर्च कर सरकार द्वारा चलाई गई बच्चों को दूध पिलाने की योजना को कई स्कूलों में शिक्षकों द्वारा निजी फैक्ट्रियों में 200 रुपए किलो तक बेचने की खबर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने यह बड़ी कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार पिछले काफी दिनों से राजस्थान प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले दूध पाउडर और मावा को शिक्षकों द्वारा निजी फैक्ट्रियों में बेचा जा रहा था। जिस पर अब सरकार ने एक्शन लेते हुए दोषी पाए गए शिक्षकों के निलंबन हेतु लेटर जारी कर दिया है।
राजस्थान प्रदेश में स्कूली बच्चों के लिए सरकार चला रही है ‘पन्नाधाय बाल गोपाल योजना’
राजस्थान प्रदेश के लगभग 70 लाख स्कूली बच्चों को सरकार द्वारा प्रतिदिन दूध देने हेतु 722 करोड़ रुपए की ‘पन्नाधाय बाल गोपाल योजना’ (Pannadhay Bal Gopal Yojana) चलाई जा रही है। प्रदेश में यह योजना बच्चों का कुपोषण दूर करने की बजाय सरकारी शिक्षकों के भ्रष्टाचार को पोषित करने का काम कर रही है। जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई स्कूलों में बच्चों का दूध पाउडर और मावा फैक्ट्रियों में बेचा जा रहा है। जोधपुर व बालोतरा के तीन स्कूलों में 160 से 200 रुपए तक में पैकेट बेचे जा रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों को फरवरी से ही दूध नहीं मिला है। भ्रष्टाचार का यह मामला सामने आने के बाद सीताराम जाट, निदेशक (प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग) ने कहा था कि इस तरह से स्कूलों से दूध पाउडर बेचना गलत है। क्षेत्राधिकार के तहत इसमें जो भी शिक्षक लिप्त पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।