DA Hike: उत्तर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा। योगी सरकार ने उनके महंगाई भत्ते में आठ फीसदी की बढ़ोतरी की है। वित्त विभाग ने पांचवें और छठे वेतन आयोग का लाभ पा रहे कर्मचारियों के लिए शुक्रवार को आदेश भी जारी कर दिया है। सरकारी आदेश के मुताबिक, पांचवें वेतन आयोग का लाभ पा रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 8 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
अब कर्मचारियों को 466 फीसदी से बढ़कर 474 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। छठे वेतन आयोग का लाभ पा रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में पांच फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। अभी तक इन कर्मचारियों को 252 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा था, जो अब बढ़कर 257 फीसदी हो गया है। कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ एक जुलाई 2025 से मिलेगा। वित्त विभाग ने शुक्रवार को राज्य में तैनात अखिल भारतीय सेवा के कर्मचारियों और अधिकारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने का भी आदेश जारी किया।
दस दिन पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के अनुसार, सभी पात्र 16.35 लाख कर्मचारियों और 11.52 लाख पेंशनभोगियों व पारिवारिक पेंशनभोगियों को 1 जुलाई, 2025 से 55 प्रतिशत के स्थान पर 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत मिलेगी। इस वृद्धि की घोषणा करते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्हें महंगाई के प्रभाव से राहत प्रदान करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के प्रति संवेदना और सम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी ने यह भी निर्देश दिया कि अक्टूबर 2025 से बढ़े हुए महंगाई भत्ते और राहत का नकद भुगतान किया जाए। व्यापक हित में लिए गए इस निर्णय से मार्च 2026 तक राज्य सरकार पर 1960 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा।
सरकार पर कितने करोड़ रुपये का व्यय भार बढ़ेगा?
यदि अक्टूबर, 2025 से महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का नकद भुगतान किया जाता है, तो नवंबर, 2025 में क्रमशः 161 करोड़ रुपये और 84 करोड़ रुपये का व्यय होगा। जुलाई से सितंबर, 2025 तक महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के बकाया का भुगतान करने पर नवंबर, 2025 में क्रमशः 298 करोड़ रुपये और 252 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नकद व्यय होगा।
इस प्रकार, नवंबर, 2025 में कुल 795 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नकद व्यय होगा। ओपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के जीपीएफ में 185 करोड़ रुपये जमा किए जाएँगे, इसके बाद दिसंबर, 2025 से हर महीने 245 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय होगा।