मेषः शुभ अंक-3, शुभ रंग-रिंज। परिवर्तन के अवसर बन सकते हैं। मान-सम्मान में वृद्धि। जरूरत से अधिक खर्च न करें। समय पर कार्य करने का प्रयास करें।
वृष : शुभ अंक-5, रंग-सफेद । बिना बात के मन में तनाव। रुके कार्यों को पूरा करने का प्रयास करें। भावनाओं में बहकर कार्य न करें। संतुलित दिनचर्या को अपनाने का प्रयास करें।
मिथुन : शुभ अंक-1, शुभ रंग- बादामी। मन में किसी बात को लेकर उत्साह। जरूरत से अधिक खर्च न करें। पुराने रुके कार्यों को पूरा करने का प्रयास करें।
कर्क : शुभ अंक:-4, शुभ रंग-पीला । आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन सकते हैं। परिश्रम की अधिकता रहेगी। बातचीत से समस्या का हल ढूंढने का प्रयास करें।
सिंह : शुभ अंक-6, शुभ रंग- स्लेटी। अपनों से किसी बात
को लेकर अनबन। समस्या से डरें नहीं। स्थिति का डटकर मुकाबला करने का प्रयास करें।
कन्या: शुभ अंक-3, शुभ रंग-सिंदूरी। बदलाव को लेकर मन में चिंता। समय पर निर्णय लेने का प्रयास करें। भाग्योदय के अवसर बन सकते हैं।
तुला : शुभ अंक-2, शुभ रंग-नीला। लालच में आकर कोई भी निर्णय न लें। समस्या से डरें नहीं। स्थिति का डटकर मुकाबला करें। भावनाओं पर नियंत्रण रखें।
वृश्चिक : शुभ अंक-7, शुभ रंग-हा। कर्ज परेशानी का
कारण बन सकता है। मान-सम्मान में वृद्धि। सबको साथ लेकर चलने का प्रयास करें। आर्थिक स्थिति में सुधार।
धनुः शुभ अंक-8, रंग-आसमानी। जरूरत से अधिक खर्च न करें। परिश्रम की अधिकता बढ़ सकती है। समय पर निर्णय लेने का प्रयास करें।
मकर : शुभ अंक-6, शुभ रंगः- लाल। क्रोध तनाव की अधिकता बढ़ सकती है। सच का साथ देने का प्रयास करें। आपस में पैसों को लेकर विवाद गहरा सकता है।
कुंभ: शुभ अंक-9, शुभ रंग- सुनहरा। सही गलत को लेकर
मन में दुविधा रह सकती है। कायों को बीच में अधूरा न छोड़ें। व्यक्तिगत समस्या बढ़ सकती है।
मीन : शुभ अंक-1, शुभ रंग- बैंगनी। अपनों से किसी बात को लेकर विवाद। पुराने मित्रों से मेलजोल बढ़ सकता है। परिवार के साथ सुखद समय बीत सकता है।
आज का पंचांग
तिथि संवत् कार्तिक शुक्ल पक्ष, पंचमी दूसरे दिन प्रातः 6.04 तक। विक्रम संवत् 2082, शाके 1947, हिजरी सन् 1447 रवि दक्षिणायन हेमंत ऋतु।
सूर्योदयकालीन ग्रह विचार
सूर्य-तुला, चन्द्र-वृश्चिक, मंगल-तुला, बुध-वृश्चिक, गुरु-कर्क, शुक्र-कन्या, शनि-मीन, राहू-कुम्भ, केतु-सिंह, प्लूटो-मकर, नेपच्यून-मीन, यूरेनस-वृषभ।
सूर्योदयकालीन नक्षत्र
ज्येष्ठा नक्षत्र प्रातः 10.45 तक पश्चात मूल नक्षत्र, शोभन योग तथा बव करण।
दिशाशूल : पश्चिम दिशा
यदि जरूरी हो तो दलिया खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
आराधना ॐ सर्वनेत्राधिपाय नमः
राहुकाल 16.27 से 17.52 तक
खरीदारी शुभ समय 13.36 से 15.01 तक