जिस तरह UPI ने भारत में बैंकिंग व्यवस्था को बदल दिया, उसी तरह बीमा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आ रहा है। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने ‘बीमा सुगम’ नाम से एक वन-स्टॉप डिजिटल मार्केटप्लेस लॉन्च किया है। यह पोर्टल बीमा से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान करेगा और सभी के लिए बीमा खरीदना आसान बनाएगा।
अभी भारत में बीमा का चलन बहुत कम है। इसके मुख्य कारण धोखाधड़ी, पारदर्शिता की कमी और अन्य व्यवस्थागत समस्याएँ हैं। बीमा सुगम पोर्टल इन समस्याओं को दूर करेगा और बीमा को सस्ता और बेहतर बनाएगा। इससे ज़्यादा लोग बीमा खरीदना चाहेंगे।
बीमा सुगम क्या है?
बीमा सुगम, यूपीआई की तरह ही एक नियामक समर्थित डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) है। यह जीवन, स्वास्थ्य, मोटर, यात्रा और संपत्ति बीमा सहित सभी प्रकार के बीमा के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल मार्केटप्लेस है। ग्राहक एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर विभिन्न कंपनियों की पॉलिसी देख और खरीद सकते हैं। सभी बीमा कंपनियाँ इस प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ेंगी, जिससे ग्राहकों के पास कई विकल्प होंगे।
बीमा में ‘यूपीआई मोमेंट’
बीमा सुगम को बीमा क्षेत्र का यूपीआई कहा जा रहा है। यह एक मानक, तटस्थ और उपयोग में आसान प्लेटफ़ॉर्म होगा। जिस तरह यूपीआई किसी भी बैंक खाते के बीच धन हस्तांतरण की अनुमति देता है, उसी तरह बीमा सुगम बीमा को सरल और अधिक सुलभ बनाएगा।
बीमा सुगम के मुख्य उद्देश्य
पहुँच को सरल बनाना: सभी के लिए बीमा को आसान बनाना और धोखाधड़ी या उच्च प्रीमियम के डर को कम करना।
बीमा उपयोग में वृद्धि: भारत में बीमा की पहुँच बढ़ाना और 2047 तक “सभी के लिए बीमा” का लक्ष्य रखना।
एकीकरण: बीमा कंपनियों, एजेंटों और रिपॉजिटरी के पोर्टलों को एक प्लेटफ़ॉर्म पर एकीकृत करना।
विश्वास और पारदर्शिता: पॉलिसियों को खरीदने, नवीनीकृत करने और दावा करने के लिए मानकीकृत प्रक्रियाओं के साथ ग्राहक विश्वास का निर्माण करें।
स्वामित्व और संचालन
बीमा सुगम का प्रबंधन एक गैर-लाभकारी संस्था, बीमा सुगम इंडिया फेडरेशन द्वारा किया जाएगा। इसके स्वामियों में जीवन बीमा परिषद, सामान्य बीमा परिषद और अन्य बीमा कंपनियाँ शामिल हैं। सरकार और IRDAI इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए इसकी निगरानी करेंगे।
सेवाएँ और लॉन्च योजना
पोर्टल चरणों में शुरू किया जा रहा है:
सबसे पहले, उपयोगकर्ता विभिन्न पॉलिसियों की तुलना कर सकते हैं।
बाद में, सभी प्रकार की बीमा पॉलिसियों की साथ-साथ तुलना उपलब्ध होगी।
मुख्य विशेषताएँ:
पॉलिसी रिपॉजिटरी: एक ही खाते में सभी पॉलिसियाँ देखें।
खरीद और नवीनीकरण: पोर्टल पर पॉलिसियाँ खरीदें और नवीनीकृत करें।
दावा निपटान: सीधे दावे दर्ज करें, 72 घंटों के भीतर।
डिजिटल प्रक्रिया: ई-केवाईसी का उपयोग करके पूरी तरह से कागज़ रहित।
लेन-देन चरण (पॉलिसी खरीदना और नवीनीकृत करना) दिसंबर 2025 तक शुरू होने की उम्मीद है। दावे, शिकायत निवारण और तृतीय-पक्ष एकीकरण सहित सभी सेवाएँ 2026 से शुरू होंगी।
ग्राहकों के लिए लाभ
स्पष्ट जानकारी और आसान पॉलिसी तुलना।
सभी पॉलिसियों को एक ही डैशबोर्ड पर प्रबंधित करें।
त्वरित और सरल दावा निपटान।
कोई कागजी कार्रवाई आवश्यक नहीं।
बीमा सुगम में अपार संभावनाएँ हैं, लेकिन इसके सामने शासन, डेटा गोपनीयता और पारंपरिक एजेंटों पर प्रभाव जैसी चुनौतियाँ भी हैं। यदि यह सफल रहा, तो यह भारत में बीमा क्षेत्र में बदलाव ला सकता है।