नई दिल्ली: देश के हर कोने में प्रशासनिक अधिकारी अपनी भूमिका निभाते नज़र आते हैं। आईएएस अधिकारी बनने के लिए कड़ी मेहनत और प्रयास की ज़रूरत होती है, जिससे राह की रुकावटें दूर होकर राह आसान हो जाती है। आज हम आपको राजस्थान के एक ऐसे प्रशासनिक अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं जो लगातार चर्चा में रहते हैं।
राजस्थान के एसडीएम छोटूलाल शर्मा के बारे में तो आपने सुना ही होगा, जो इन दिनों सुर्खियाँ बटोर रहे हैं। कुछ दिन पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में एसडीएम गुस्से में चिल्लाते हुए खुद को एसडीएम बताते हुए नज़र आ रहे हैं। इसके बाद एसडीए ने एक कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया।
थप्पड़ मारने के बाद मामला बढ़ गया और कर्मचारी के साथ हाथापाई हो गई। मामला इतना बिगड़ गया कि पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए एसडीएम को निलंबित कर दिया। यह पहली बार नहीं है जब एसडीएम शर्मा विवादों में घिरे हों; वह पहले भी इसी तरह चर्चा का केंद्र रहे हैं। नीचे जानिए छोटूलाल शर्मा के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य।
जानिए छोटूलाल शर्मा कब बने SDM?
छोटूलाल शर्मा अक्सर चर्चा का केंद्र रहते हैं। उनका जन्म 1 जून 1980 को राजस्थान के अजमेर में एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने पहले अपनी शिक्षा पूरी की और फिर पूरी लगन से RAS परीक्षा की तैयारी की। उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की।
2015 में उनका चयन हुआ और इसी के साथ उन्होंने सरकारी सेवा में प्रवेश किया। RAS परीक्षा पास करना कोई आसान काम नहीं है। फिर भी, शर्मा ने कड़ी मेहनत की और SDM बनने का अपना सपना पूरा किया। इसके बाद उनकी नियुक्ति हुई, जहाँ वे विवादों में भी रहे।
प्रशासनिक सेवा और विवाद
अपने कार्यकाल के दौरान, छोटूलाल शर्मा ने कई जिलों में महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियाँ निभाईं। सबसे पहले उन्होंने चित्तौड़गढ़ जिले के गंगर में एसडीएम के रूप में कार्य किया, जहाँ उन्होंने स्थानीय विकास और कानून-व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया।
इसके बाद उन्हें बांसवाड़ा, मांडल, टोंक और भीलवाड़ा जैसे जिलों में तैनात किया गया। हाल ही में वे प्रतापगढ़ में एसडीएम के पद पर कार्यरत थे। उनके सख्त रवैये ने विवाद खड़ा कर दिया है। प्रतापगढ़ में हुई इस हालिया घटना के बाद, राजस्थान सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।