सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुरुआत में, कुछ चुनिंदा राज्यों के लोगों को पेंशन के रूप में अच्छी-खासी रकम मिलेगी। बाद में, अन्य राज्यों को भी यह सुविधा मिल सकती है। सरकार यह कदम मुख्य रूप से बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की मदद के लिए उठा रही है।
भारत के सात राज्यों में ₹3,500 पेंशन की घोषणा की गई है और नए नियम 25 अक्टूबर, 2025 से लागू होंगे। इस खबर से बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को बड़ी राहत मिली है और उन्हें ज़्यादा मासिक पेंशन मिलेगी। सरकार का लक्ष्य इन समूहों को सामाजिक सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है। नई योजना के लागू होने से लाभार्थियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
सरकारी पहल से सबसे ज़्यादा फ़ायदा किसे होगा
इस योजना का सीधा फ़ायदा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को होगा, क्योंकि बढ़ी हुई पेंशन उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता लाने में मदद करेगी। सरकार का दावा है कि पेंशन राशि समय पर और सीधे लाभार्थी के खाते में जमा की जाएगी, जिससे किसी भी तरह की धोखाधड़ी या देरी को रोका जा सकेगा। सरकार ने ज़िला स्तर के अधिकारियों को सभी पात्र व्यक्तियों की सूची तैयार कर समय पर विभाग को सौंपने का निर्देश दिया है। बुज़ुर्गों (80 वर्ष या उससे अधिक आयु) और गंभीर रूप से विकलांग (80% से अधिक) को प्राथमिकता देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। पुरानी योजना के तहत, केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से पेंशन प्रदान करती थीं, लेकिन दरें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती थीं। अब, एकरूपता लाते हुए, नई ₹3,500 की राशि और अधिक राज्यों में लागू की जाएगी।
वर्तमान में, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और विकलांगता पेंशन केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत प्रदान की जाती हैं, जिसमें राज्य सरकारें अतिरिक्त सहायता जोड़ती हैं। इस बार, बढ़ी हुई राशि और नए नियमों का उद्देश्य सबसे ज़रूरतमंद लाभार्थियों तक पहुँचना है।
लाभार्थी कौन होंगे
निम्नलिखित श्रेणियों के लोगों को पेंशन योजना का लाभ मिलेगा:
60 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिक
विधवा महिलाएँ
40% या उससे अधिक विकलांगता वाले नागरिक
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोग