गोवर्धन पूजा  शासन, समाज और संस्कृति को जोड़ने का माध्यम -मंत्री श्री काश्यप

Saroj kanwar
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रतलाम, 21 अक्टूबर(इ खबर टुडे)। पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग अंतर्गत गोवर्धन पूजा कार्यक्रम का आयोजन कैबिनेट मंत्री सूक्ष्म, मध्यम, लघु उद्योग विभाग मंत्री मध्यप्रदेश शासन चैतन्य काश्यप, महापौर प्रहलाद पटेल ,निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा मनोज शर्मा, कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह, जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, निगम आयुक्त अनिल भाना, एडीएम  डॉ शालिनी श्रीवास्तव, एसडीएम शहर सुश्री आर्ची हरित, विप्लव जैन, प्रहलाद राठौड़, विशाल शर्मा, श्री बजरंग पुरोहित, श्री मनोहर पोरवाल, जयवंत कोठारी, अशोक धाकड़, सरपंच सागौद कैलाश खराडिया आदि की उपस्थिति में रतलाम जिले के ग्राम सागौद गौशाला में किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतीकात्मक रूप से गोवर्धन पर्वत और गौ माता की पूजा अर्चना की गई, तथा गौ माता को आहार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा की  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में गोवर्धन पूजा जैसे कार्यक्रम प्रकृति, समाज और शासन को जोड़ने का काम करते हैं। शासन द्वारा समाज की विरासत को समझकर विकास की नई अवधारणाओं को अपनाने का कार्य किया जा रहा है। गोवर्धन पर्वत पर्यावरण के प्रति संवेदना का प्रतीक है। होली ,रक्षाबंधन और दीपावली जैसे त्यौहार  सामाजिक सद्भाव के प्रतीक है। भारत का आधार कृषि है और कृषि का आधार गौवंश है। गौवंश से दुग्ध उत्पादन का कोई विकल्प नहीं है। 

महापौर प्रहलाद पटेल ने गोवर्धन पूजा के संबंध में बताया कि भगवान श्री कृष्ण के कहने पर बृज में इंद्र देवता की पूजा बंद हो गई थी इसलिए इंद्र देवता ने क्रोधित होकर बृज पर अतिवृष्टि कर दी थी। भगवान श्री कृष्ण ने बृजवासी और गौ माता की रक्षा के लिए अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया था। सनातन संस्कृति और परंपरा के रूप में आज गोवर्धन की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि गौ माता में 36 करोड़ देवी देवता निवास करते हैं। 29 अगस्त को नगर निगम द्वारा नवाचार करते हुए एक गौशाला प्रारंभ की गई है। नगर निगम द्वारा 732 गाय को रेस्क्यू किया गया है तथा 190 सांड शहर से बाहर छोड़े गए है। जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि गोवर्धन पूजा जैसे त्यौहार शासन और आम जनता को जोड़ने का काम करते हैं। निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा मनोज शर्मा ने कहा कि हिंदू संस्कृति के संस्कारों को सहेजने और संवारने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। 

कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए नवीन शुक्ला उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि प्रकृति पूजा और पशुधन पूजा का ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्व है, जन, जंगल, जमीन और गौवंश की रक्षा करना जरूरी है, जैविक खेती में भी  गोबर का महत्व है। पशुधन और गौ संवर्धन के लिए शासन द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 

कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए विशाल शर्मा ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने 7 दिन गोवर्धन पर्वत उठाया था, यशोदा मैया भगवान श्री कृष्ण को दिन में आठ बार भोजन कराती थी, इसलिए सात दिन और आठ बार के मान से  भगवान श्री कृष्ण को आज के दिन छप्पन भोग लगाए जाते हैं। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगण  द्वारा गौ सेवक जितेंद्र , श्रीमती सरोज जितेंद्र , संतोष और श्रीमती सीता को शाल, श्रीफल और पुष्प हार, पहनाकर स्वागत किया गया। 

कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक जन अभियान परिषद रत्नेश विजयवर्गीय ने किया। आभार अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत निर्देशक शर्मा ने माना। कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, डॉ अंशुल चौहान एवं अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित रहे।

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