DA Hike in government employees:दीवाली से पहले DA बढ़ोतरी के साथ मिलेगी डबल खुशखबरी, सैलरी में आयेगा उछाल 

Saroj kanwar
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DA Hike in government employees: केंद्र सरकार में काम करने वाले कर्मचारियों और रिटायर हो चुके पेंशनर्स के लिए एक अच्छी खबर आ रही है। सरकार दिवाली के त्योहार से ठीक पहले महंगाई भत्ते में इजाफा करने की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि इस बार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी मिल सकती है। यह बढ़ोतरी जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी और अक्टूबर महीने की तनख्वाह या पेंशन के साथ पिछले महीनों का बकाया भी दिया जाएगा। करोड़ों सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक इस घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

महंगाई भत्ता कितना बढ़ेगा

अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो वर्तमान में मिलने वाला 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़कर सीधे 58 प्रतिशत हो जाएगा। यानी कर्मचारियों को 3 प्रतिशत की अतिरिक्त राशि मिलेगी जो उनकी मूल तनख्वाह पर लागू होगी। यह बदलाव जुलाई 2025 से माना जाएगा इसलिए जुलाई, अगस्त और सितंबर यानी तीन महीनों का बकाया अक्टूबर की सैलरी के साथ एकमुश्त मिलेगा। सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ते की गणना एक निर्धारित फार्मूले से की जाती है जिसमें उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों का औसत निकाला जाता है। जून 2025 तक के बारह महीनों का औसत 143.6 आया है जिसके आधार पर महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत तय किया गया है।

कर्मचारियों को कितना अधिक मिलेगा

इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों को वास्तविक रूप में कितना फायदा होगा यह समझने के लिए एक उदाहरण देखते हैं। मान लीजिए किसी कर्मचारी की बुनियादी तनख्वाह 18000 रुपए है तो मौजूदा 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते के हिसाब से उसे 9900 रुपए मिल रहे हैं। जब महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत हो जाएगा तो यह राशि बढ़कर 10440 रुपए हो जाएगी। इस तरह हर महीने उस कर्मचारी को 540 रुपए का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अगर साल भर का हिसाब लगाया जाए तो यह बढ़ोतरी काफी अच्छी रकम बन जाती है। यह राशि भले ही बड़ी न लगे लेकिन बढ़ती महंगाई के दौर में हर अतिरिक्त रुपया मायने रखता है।

पेंशनधारियों को भी मिलेगा फायदा

रिटायर हो चुके कर्मचारियों को भी इस बढ़ोतरी का पूरा लाभ मिलेगा क्योंकि उन्हें महंगाई राहत के रूप में यह राशि दी जाती है। उदाहरण के लिए अगर किसी रिटायर्ड कर्मचारी की मासिक पेंशन 20000 रुपए है तो 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद उसे हर महीने 600 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। पेंशनधारियों के लिए यह राहत बहुत जरूरी है क्योंकि उनकी आमदनी सीमित होती है और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। तीन महीने के बकाये के साथ यह राशि उनके लिए त्योहारी सीजन में अतिरिक्त खर्च का सहारा बन सकती है। यह कदम बुजुर्ग पेंशनधारियों के जीवन में आर्थिक राहत लाने में सहायक होगा।

सातवें वेतन आयोग की अंतिम बढ़ोतरी

यह जानना महत्वपूर्ण है कि यह सातवें वेतन आयोग के तहत मिलने वाली आखिरी महंगाई भत्ता वृद्धि होगी। सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था और अब उसकी अवधि समाप्त होने वाली है। अगले साल 1 जनवरी 2026 से आठवां वेतन आयोग लागू होने की उम्मीद है। इसलिए कर्मचारी और पेंशनर्स वर्तमान वेतन आयोग के तहत यह अंतिम लाभ उठा सकेंगे। इसके बाद नए वेतन आयोग के नियम और फार्मूले लागू हो जाएंगे जिनके तहत तनख्वाह और पेंशन की गणना की जाएगी।

आठवें वेतन आयोग का इंतजार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार जल्द ही आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर सकती है। कई सूत्रों का कहना है कि दिवाली के मौके पर सरकार कर्मचारियों को दोहरी खुशखबरी दे सकती है। पहली खुशखबरी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और दूसरी आठवें वेतन आयोग के गठन की शुरुआत हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेहद खुशी की बात होगी। नया वेतन आयोग आने से कर्मचारियों की बुनियादी तनख्वाह में भी इजाफा होने की संभावना रहती है। आठवें वेतन आयोग के गठन से कर्मचारियों में नई उम्मीदें जागी हैं।

करोड़ों कर्मचारी कर रहे हैं प्रतीक्षा

केंद्र सरकार में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारी और पेंशनधारक इस घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हर साल महंगाई भत्ते में संशोधन किया जाता है लेकिन कई बार इसमें देरी हो जाती है। इस बार दिवाली से पहले घोषणा होने की उम्मीद है जिससे कर्मचारियों को त्योहारी खर्चों में मदद मिल सकेगी। बकाये की राशि भी मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सकेगी। सभी कर्मचारी और पेंशनर्स सरकार की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं जिसमें इन बदलावों की पुष्टि की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि सरकार जल्द ही इस संबंध में औपचारिक घोषणा करेगी।

महंगाई से राहत मिलने की आशा

लगातार बढ़ती महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी बहुत जरूरी हो गई है। खाने-पीने की चीजों से लेकर ईंधन और शिक्षा तक हर क्षेत्र में कीमतें बढ़ी हैं। ऐसे में अगर महंगाई भत्ता नहीं बढ़ाया जाए तो कर्मचारियों की क्रय शक्ति कम हो जाती है। सरकार समय-समय पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर महंगाई भत्ते में संशोधन करती है ताकि कर्मचारियों को महंगाई से कुछ राहत मिल सके। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि कर्मचारियों की वास्तविक आय बनी रहे और वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकें।

Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और आठवें वेतन आयोग से संबंधित कोई भी आधिकारिक घोषणा अभी तक सरकार द्वारा नहीं की गई है। कर्मचारियों और पेंशनधारियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल सरकार की आधिकारिक अधिसूचना और वेबसाइट पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें। किसी भी तरह के वित्तीय निर्णय लेने से पहले सरकारी स्रोतों से पुष्टि अवश्य कर लें।

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