इस समय चमड़े और ऊन की माँग बहुत ज़्यादा है, इसलिए भेड़ पालन व्यवसाय तेज़ी से बढ़ रहा है। कई किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ भेड़ पालन भी कर रहे हैं और काफ़ी मुनाफ़ा कमा रहे हैं। अगर आप भेड़ पालन शुरू करना चाहते हैं, तो गुगनी, मारवाड़ी और जैसलमेरी नस्लों पर विचार कर सकते हैं।
किसानों के लिए सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा देने वाली भेड़ नस्लें
- गुगनी भेड़
किसान गुगनी भेड़ पालन करके अच्छी कमाई कर सकते हैं। इस नस्ल का ऊन साल में तीन बार काटा जा सकता है। प्रत्येक भेड़ से लगभग 1 से 1.5 किलो ऊन प्रति वर्ष प्राप्त होता है। कई किसान भेड़ पालन को इसलिए चुन रहे हैं क्योंकि इससे नियमित आय होती है। - मारवाड़ी भेड़
मारवाड़ी भेड़ राजस्थान की एक प्रसिद्ध नस्ल है। इसे ऊन और मांस के लिए पाला जाता है। प्रत्येक भेड़ से लगभग 1.5 से 2.5 किलो ऊन प्रति वर्ष प्राप्त होता है, जिसकी ऊन साल में दो बार काटी जाती है। ऊन अच्छी कीमत पर बिकता है। मारवाड़ी भेड़ के मांस की भी मांग है। किसान ऊन और मांस से कमाई कर सकते हैं। - जैसलमेरी भेड़
जैसलमेरी भेड़ें किसानों के लिए अच्छी होती हैं क्योंकि ये ऊन, मांस और दूध देती हैं। प्रत्येक भेड़ प्रति वर्ष लगभग 750 ग्राम ऊन देती है। इसका दूध ऊँचे दामों पर बिकता है और मांस की भी ज़रूरत होती है। यह नस्ल उन किसानों के लिए अच्छी है जो कई उत्पादों से पैसा कमाना चाहते हैं। यह गर्म और रेतीले इलाकों में अच्छी तरह उगती है।
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा
भेड़ पालन एक कम लागत वाला और ज़्यादा मुनाफ़ा देने वाला व्यवसाय है। छोटे किसान भी इसे शुरू कर सकते हैं।
खर्च: सही नस्ल चुनें, उचित चारा दें और भेड़ों को साफ़-सुथरा और स्वस्थ रखें।
लाभ: किसान ऊन, मांस और दूध से कमाते हैं, जिससे उनकी आय बढ़ सकती है।
माँग: ऊन की ज़रूरत सर्दियों में होती है, लेकिन मांस और दूध की ज़रूरत पूरे साल रहती है।