प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: किसानों के लिए खुशखबरी। केंद्र सरकार इस समय कई लाभकारी और कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है जिनका लाभ लाखों लाभार्थियों को मिल रहा है। साथ ही, समय-समय पर कई नई योजनाएँ भी शुरू की जाती हैं। उदाहरण के लिए, संसद में बजट 2025-26 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई घोषणाएँ कीं, जिनमें से एक प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से संबंधित थी।
उस समय, संसद को इस योजना की जानकारी देते हुए बताया गया था कि इसे भारत सरकार द्वारा शुरू किया जाएगा और इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। आज ही के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का शुभारंभ किया था। यहाँ आप इस योजना, इसके उद्देश्यों और इससे लाभान्वित होने वाले लोगों के बारे में अधिक जान सकते हैं।
योजना का उद्देश्य और लाभ
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के पाँच मुख्य उद्देश्य हैं: पहला, कृषि उत्पादकता बढ़ाना, दूसरा, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना, तीसरा, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाना, तीसरा, विश्वसनीय जल पहुँच के लिए सिंचाई के बुनियादी ढाँचे में सुधार करना, और पाँचवाँ, किसानों के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कृषि ऋण तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करना।
इस योजना से कम उपज वाले क्षेत्रों को लाभ होगा और इसे वहीं लागू किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से 1.7 करोड़ किसानों को सहायता मिलेगी। यह योजना राज्यों के सहयोग से लागू की जाएगी।
किसे मिलेगा लाभ?
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना की घोषणा 2024-25 के बजट में की गई थी और 16 जुलाई, 2025 को इसे मंजूरी दी गई थी। इस योजना का उद्देश्य छह वर्षों में 24,000 करोड़ रुपये के वार्षिक परिव्यय के साथ 100 कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों को कवर करना है। इन जिलों की सूची नीचे दी गई है:
आंध्र प्रदेश – श्री सत्य साईं, अनंतपुर (अनंतपुरमू), अल्लूरी सीतारमन राजू, अन्नमय्या
अरुणाचल प्रदेश – अंजॉ
असम – श्रीभूमि (करीमगंज), चराइदेव, दिमा हसाओ
बिहार-मधुबनी, दरभंगा, बांका, गया, सीवान, किशनगंज, नवादा
छत्तीसगढ़ – दंतेवाड़ा, जशपुर, कोरबा
गोवा – दक्षिण गोवा.