मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की है। इस वृद्धि से डीए की दर 55% से बढ़कर 58% हो गई है। इस फैसले से न केवल कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से राहत मिलेगी, बल्कि त्योहारों से पहले उनकी जेब में अतिरिक्त पैसा भी आएगा, जिससे उनकी खुशी दोगुनी हो जाएगी।
3 महीने का बकाया नकद दिया जाएगा
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ते में यह वृद्धि 1 जुलाई, 2025 से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होगी। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि जुलाई से सितंबर तक के तीन महीनों का बकाया कर्मचारियों को नकद दिया जाएगा। महंगाई भत्ते की नई बढ़ी हुई दर अक्टूबर के वेतन और पेंशन में शामिल की जाएगी। इस फैसले से राज्य के लगभग 75,000 नियमित सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) अधिकारियों को सीधा लाभ होगा।

सरकार की कल्याणकारी प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह निर्णय कर्मचारियों के कल्याण के प्रति हमारी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम चाहते हैं कि प्रत्येक कर्मचारी और सेवानिवृत्त अधिकारी खुद को मूल्यवान महसूस करें।” यह वृद्धि कर्मचारियों और उनकी कड़ी मेहनत के प्रति सरकार के सम्मान की मान्यता है।
भत्ते अब केंद्र सरकार के बराबर
इस साल यह दूसरी बार है जब अरुणाचल प्रदेश सरकार ने डीए और डीआर (महंगाई राहत) में वृद्धि की है। इससे पहले, मई 2025 में भी राज्य सरकार ने डीए को 53% से बढ़ाकर 55% किया था। इस नई वृद्धि के साथ, राज्य सरकार के कर्मचारियों के भत्ते अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो गए हैं। यह समानता राज्य कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है।
कर्मचारी संगठनों ने आभार व्यक्त किया
राज्य सरकार के कर्मचारियों के संगठन, CoSAAP (अरुणाचल प्रदेश सेवा संघों का परिसंघ) ने सरकार के इस दूरदर्शी कदम का पुरजोर स्वागत किया है। संगठन ने कहा कि इस फैसले से कर्मचारियों में नई ऊर्जा और समर्पण का संचार होगा। CoSAAP ने एक बयान में कहा, “महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे राज्य के समग्र विकास में और अधिक लगन से योगदान देंगे।”

महंगाई भत्ता क्यों ज़रूरी है
महंगाई भत्ता (डीए) देने का उद्देश्य कर्मचारियों को महंगाई से राहत प्रदान करना है। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मुद्रास्फीति दर के आधार पर हर छह महीने में इस भत्ते में वृद्धि की जाती है। राज्य सरकारें भी आमतौर पर केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार डीए में वृद्धि करती हैं। अरुणाचल प्रदेश में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए, यह कदम कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ज़ोर देकर कहा, “हम अपने कर्मचारियों को केवल सरकारी तंत्र का हिस्सा नहीं, बल्कि विकास की यात्रा में सहयात्री मानते हैं। यह वृद्धि उनके समर्पण, ईमानदारी और योगदान का सम्मान है।”