पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एक बार फिर चौंका दिया है। 7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) तो पहले ही तय हो चुका था, वहीं अब सरकार ने 5वें और 6वें वेतन आयोग के तहत वेतन और पेंशन पाने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी बंपर बढ़ोतरी की है। यह फैसला वित्त मंत्रालय के एक आधिकारिक ज्ञापन (ऑफिस मेमोरेंडम-ओएम) के जरिए लिया गया है। यह फैसला खासतौर पर उन केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए है जो अभी भी 5वें और 6वें केंद्रीय वेतन आयोग के नियमों के तहत वेतन या पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
डीए में कितनी वृद्धि हुई है
5वें वेतन आयोग के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) मौजूदा 466 प्रतिशत से बढ़ाकर 474 प्रतिशत कर दिया गया है। यह सीधे 8% की वृद्धि है, जो उनके मूल वेतन पर लागू होगी। वहीं, पूर्व-संशोधित वेतनमान/ग्रेड पे के आधार पर वेतन पाने वाले छठे वेतन आयोग के कर्मचारियों के लिए, उनका डीए 252 प्रतिशत से बढ़ाकर 257 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 5 प्रतिशत की वृद्धि है। ये बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी होंगी, जिसका अर्थ है कि कर्मचारियों को बकाया राशि मिल सकती है।
गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि आमतौर पर एक नई बात होती है। हालाँकि, कई केंद्र सरकार के कर्मचारी, खासकर कुछ केंद्रीय स्वायत्त निकायों (सीएबी) और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के कर्मचारी, अभी भी 5वें और 6वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन प्राप्त कर रहे हैं। कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखने के लिए मुद्रास्फीति के आधार पर महंगाई भत्ते में वृद्धि की जाती है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि मुद्रास्फीति का प्रभाव सभी कर्मचारियों पर समान रूप से न पड़े, चाहे वे किसी भी वेतन आयोग के अंतर्गत आते हों।
पेंशनभोगियों को भी राहत
केंद्र सरकार के इस फैसले से पाँचवें और छठे वेतन आयोग के तहत पेंशन पाने वाले हज़ारों पेंशनभोगियों को भी बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। वित्त मंत्रालय का यह फैसला सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की वित्तीय सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीर चिंता को साफ़ दर्शाता है। डीए में यह बढ़ोतरी उनकी आने वाली दिवाली को और भी रोशन करेगी।