एक ऐतिहासिक फैसले में, यूआईडीएआई ने 7 से 15 साल के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू-1) के सभी शुल्क पूरी तरह से माफ कर दिए हैं। इस महत्वपूर्ण कदम से देश के लगभग 6 करोड़ बच्चों को सीधी राहत मिली है। यह असाधारण छूट 1 अक्टूबर से लागू हुई है और 1 अक्टूबर, 2026 तक, पूरे एक साल तक लागू रहेगी। अब, अभिभावकों को अपने बच्चों का आधार अपडेट कराने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट क्यों ज़रूरी हैं

यूआईडीएआई ने 4 अक्टूबर को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस फैसले के पीछे के मुख्य कारणों की व्याख्या की। आधार में बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य है ताकि बच्चे शिक्षा, छात्रवृत्ति और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी सरकारी सेवाओं का आसानी से लाभ उठा सकें।
बायोमेट्रिक अपडेट प्रक्रिया में बच्चों के फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और एक नई तस्वीर शामिल होती है। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनके बायोमेट्रिक्स बदलते हैं, इसलिए उनकी पहचान की सटीकता बनाए रखने के लिए यह अपडेट ज़रूरी है। यह मुफ़्त अपडेट उनके स्कूल में दाखिले और प्रवेश परीक्षाओं में भी मदद करेगा।
शुल्क माफ़ी से बच्चों को कितना फ़ायदा होगा
यूआईडीएआई के इस अभूतपूर्व कदम से लगभग 6 करोड़ बच्चों को सीधा फ़ायदा होगा। पहले, बायोमेट्रिक अपडेट के लिए शुल्क लिया जाता था।
पुराना नियम
पहले, 5-7 और 15-17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए पहला और दूसरा अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट निःशुल्क था। हालाँकि, उसके बाद, प्रत्येक एमबीयू (अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट) के लिए ₹125 का एक निश्चित शुल्क लिया जाता था। अब 7 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए यह शुल्क पूरी तरह से माफ कर दिया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आधार बायोमेट्रिक अपडेट निःशुल्क करने से बच्चों की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और छात्रवृत्ति योजनाओं तक पहुँच सुनिश्चित होगी। यह बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
कौन से बच्चे इस नियम के अधीन नहीं होंगे

यह प्रभावी नियम 5 साल से कम उम्र के बच्चों पर लागू नहीं होगा। 5 साल से कम उम्र के बच्चों के आधार कार्ड के लिए फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन की आवश्यकता नहीं है। उनका आधार उनके माता-पिता के बायोमेट्रिक्स से जुड़ा होता है। इसलिए, यह मुफ़्त अपडेट छूट केवल 7 से 15 साल के बच्चों पर लागू होती है, जिनका बायोमेट्रिक डेटा उम्र बढ़ने के साथ बदलता रहता है।
माता-पिता के पास अब 1 अक्टूबर, 2026 तक, बिना किसी वित्तीय बोझ के अपने बच्चों के आधार बायोमेट्रिक्स अपडेट करने और उन्हें सरकारी लाभों से वंचित होने से बचाने के लिए पूरा एक साल का समय है।