त्योहारों के मौसम में एक बड़ी खबर आई है। लोकप्रिय बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक उल्लेखनीय कदम उठाया है, जिससे उनके ग्राहकों को काफी मदद मिलेगी। इस फैसले के बाद, उनके ग्राहकों को निश्चित रूप से कुछ राहत मिलेगी। बैंक के बचत खातों में न्यूनतम औसत शेष (एमएबी) नहीं बनाए रखने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। बैंक ने हाल ही में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जिसमें कहा गया कि त्योहारों की कुछ योजनाओं के लिए न्यूनतम शेष राशि शुल्क पहले ही माफ कर दिया गया था। लोकप्रिय बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक उल्लेखनीय कदम उठाया है, जिससे उनके ग्राहकों को काफी मदद मिलेगी। इस फैसले के बाद, उनके ग्राहकों को निश्चित रूप से कुछ राहत मिलेगी। बैंक के बचत खातों में न्यूनतम औसत शेष (एमएबी) नहीं बनाए रखने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। बैंक ने हाल ही में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जिसमें कहा गया कि कुछ योजनाओं के लिए न्यूनतम शेष राशि शुल्क पहले ही माफ कर दिया गया था।
बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “इस कदम से हमारे खाताधारकों को काफी राहत मिलेगी।” उन्होंने आगे कहा, “यह निर्णय हमारे ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और वित्तीय समावेशन को दर्शाता है। हमारा लक्ष्य बैंकिंग को सभी के लिए सुविधाजनक और तनावमुक्त बनाना है।”
बैंक ने यह कदम क्यों उठाया?
यह खबर उन लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है जो हर महीने पैसे बचाने की कोशिश करते हैं। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उनका लक्ष्य हर ग्राहक को सुविधा प्रदान करना है। बैंकिंग में सुधार ज़रूरी है और यह कदम उस दिशा में एक अच्छी शुरुआत है।
आईओबी सिक्सटी प्लस, आईओबी सेविंग्स बैंक पेंशनर, स्मॉल अकाउंट्स और आईओबी सेविंग्स बैंक सैलरी पैकेज जैसी कुछ योजनाओं के लिए न्यूनतम बैलेंस शुल्क माफ कर दिया गया है। बैंक ने एक बयान में कहा, “1 अक्टूबर से बचत खाते (बचत खाता – सार्वजनिक) में न्यूनतम औसत बैलेंस न रखने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
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प्रीमियम बचत खाते के नियम
हालांकि, बैंक की प्रीमियम बचत खाता योजनाओं, एसबी-मैक्स, एसबी-एचएनआई, एसबी प्राइम, एसबी प्रायोरिटी, एसबी प्रिविलेज, एनआरआई एलिवेट, एनआरआई प्रिविलेज और एनआरआई सिग्नेचर के शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।