SBI का बड़ा अपडेट! खाताधारकों के लिए लागू हुआ नया नियम SBI New Rule

Saroj kanwar
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SBI New Rule: भारतीय स्टेट बैंक ने सितंबर 2025 से अपने ग्राहकों के लिए कुछ नए नियम लागू किए हैं। यह बदलाव हर उस व्यक्ति की रोजमर्रा की बैंकिंग आदतों को प्रभावित करेंगे, जो इंटरनेट बैंकिंग, YONO ऐप या SBI कार्ड का उपयोग करते हैं। बैंक ने इन बदलावों को सुरक्षा, सुविधा और डिजिटल अपडेट को ध्यान में रखते हुए लागू किया है ताकि ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

SBI के ये नए नियम खास तौर पर उन सभी खाताधारकों को प्रभावित करेंगे जो डिजिटल माध्यम से लेन-देन करते हैं या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। अब बैंक ने IMPS लेन-देन पर नई फीस लागू की है, KYC समय पर अपडेट करना अनिवार्य बना दिया है और साथ ही ऑनलाइन सेवाओं के रखरखाव का समय पहले से घोषित कर रखा है। इन बदलावों को समझना हर ग्राहक के लिए जरूरी है।

SBI IMPS ट्रांजैक्शन चार्ज में बदलाव

SBI ने सितंबर 2025 से IMPS लेन-देन के नियमों में बदलाव किया है। अब अगर कोई ग्राहक नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग के जरिए 25,000 रुपये से अधिक की राशि भेजता है, तो उस पर सर्विस चार्ज लागू होगा। चार्ज की दरें 2 रुपये, 6 रुपये और 10 रुपये के स्लैब में तय की गई हैं, जिससे ग्राहकों को रकम भेजने से पहले अतिरिक्त शुल्क का ध्यान रखना होगा।

हालांकि राहत की बात यह है कि जिन ग्राहकों के खाते सैलरी, गोल्ड, सरकारी अथवा इसी तरह के विशेष प्रकार के हैं, उनके लिए कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा। ब्रांच से किए गए लेन-देन में भी यह चार्ज लागू नहीं होगा और पहले की तरह मुफ्त सेवाएं जारी रहेंगी। इस बदलाव का असर खासकर इंटरनेट बैंकिंग और YONO इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा।

KYC अपडेट का महत्व

SBI ने हर ग्राहक को सलाह दी है कि वे समय-समय पर अपनी KYC प्रक्रिया पूरी करते रहें। अगर KYC समय पर अपडेट नहीं किया जाता है, तो बैंक खाते से लेन-देन बंद हो सकता है और सेवाओं पर रोक लग सकती है। यह कदम बैंक ने धोखाधड़ी और फर्जी खातों को रोकने के उद्देश्य से उठाया है ताकि ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

KYC अपडेट को आसान बनाने के लिए बैंक ने कई विकल्प दिए हैं जैसे शाखा में जाकर दस्तावेज जमा करना, इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से आधार-पैन लिंक कराना या मोबाइल ऐप द्वारा जानकारी अपडेट करना। ग्राहक जब तक अपनी KYC पूरी नहीं करते, तब तक उन्हें डिजिटल भुगतान और दूसरे जरूरी कामों में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

SBI की डिजिटल सर्विस डाउनटाइम जानकारी

डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए SBI ने निर्धारित समय तय किया है जब बैंक अपनी सेवाओं का रखरखाव करता है। सितंबर 2025 में बैंक ने घोषणा की है कि 7 सितंबर की रात 1:20 बजे से 2:20 बजे तक YONO ऐप, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग बंद रहेंगे। इस दौरान ग्राहक ऑनलाइन लेन-देन नहीं कर पाएंगे।

बैंक का मानना है कि रात का समय ऐसे रखरखाव के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि इस समय लेन-देन की संख्या न्यूनतम होती है। ग्राहक अगर इस अवधि में किसी जरूरी कार्य से बचना चाहते हैं तो उन्हें पहले से ही अपने सभी डिजिटल लेन-देन पूरे कर लेने चाहिए। डाउनटाइम में ग्राहक ATM का प्रयोग करके अपने काम पूरे कर सकते हैं।

SBI क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्वाइंट्स में नया बदलाव

SBI ने अपने क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए रिवॉर्ड प्वाइंट नियमों में बदलाव किए हैं। अब अगर कोई ग्राहक अपने क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन गेमिंग या सरकारी पोर्टल्स पर भुगतान करता है, तो उसे उस ट्रांजैक्शन पर रिवॉर्ड प्वाइंट नहीं मिलेगा। हालांकि बाकी सभी सामान्य खर्च जैसे शॉपिंग, फ्यूल, रेस्तरां और रिटेल खरीदारी पर रिवॉर्ड प्वाइंट पहले की तरह दिए जाएंगे।

इस बदलाव का उद्देश्य उन ग्राहकों को जागरूक करना है जो कार्ड का उपयोग केवल ऑनलाइन गेमिंग या सरकारी सेवाओं के लिए करते हैं। अब उन्हें यह समझना होगा कि किन खर्चों पर पॉइंट मिलेंगे और किन पर नहीं। यह कदम SBI कार्ड ग्राहकों को अपने खर्च की योजना बनाने और कार्ड का सही उपयोग करने के लिए प्रेरित करेगा।

ATM सेवाओं का महत्व

डिजिटल डाउनटाइम के दौरान ग्राहकों के पास ATM का विकल्प हमेशा उपलब्ध रहेगा। ATM मशीन से ग्राहक पिन जनरेट या बदल सकते हैं, बैलेंस पूछ सकते हैं, मिनी स्टेटमेंट प्राप्त कर सकते हैं और यहां तक कि मोबाइल नंबर अपडेट करने जैसे काम भी कर सकते हैं। इससे ग्राहकों को बेसिक बैंकिंग सेवाओं में कोई दिक्कत नहीं होगी।

बैंक ने यह सुनिश्चित किया है कि डिजिटल सेवाओं के रखरखाव के समय भी ग्राहक रोजाना की आवश्यक सेवाओं के लिए ATM का सहारा ले सकें। विशेष रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के वे ग्राहक जो इंटरनेट बैंकिंग से परिचित नहीं हैं, उनके लिए ATM प्राथमिक समाधान बना रहेगा। यह सुविधा बैंकिंग सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने में मदद करती है।

सुरक्षा और खातों की सुरक्षा उपाय

SBI ने सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए ग्राहकों से समय-समय पर वेरिफिकेशन और OTP प्रक्रिया अपनाने को कहा है। बैंक बार-बार सिस्टम अपडेट और सिक्योरिटी पैच लागू करता है ताकि धोखाधड़ी की संभावना कम की जा सके। ग्राहकों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन फ्रॉड के मामले बढ़ते जा रहे हैं, यह कदम ग्राहकों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करेगा। KYC अपडेट, OTP सत्यापन और समय-समय पर अकाउंट वेरिफिकेशन करके ग्राहक अपने खाते को हैकरों और धोखाधड़ी से सुरक्षित रख सकते हैं। SBI का मानना है कि ग्राहक और बैंक दोनों की सतर्कता मिलकर सुरक्षा को और मजबूत बनाती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारियां SBI की आधिकारिक घोषणाओं और नोटिफिकेशन पर आधारित हैं। पाठक से निवेदन है कि किसी भी प्रकार के बदलाव या अपडेट की सही जानकारी के लिए हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से संपर्क करें।

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